राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने सुधार परीक्षा के अंकपत्रों को उपलब्ध कराए बगैर स्नातकोत्तर स्तर पर सेमेस्टर परीक्षा की तिथि घोषित करने का विरोध किया है। सेमेस्टर परीक्षा 20 फरवरी से होगी। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। सुधार परीक्षा के अंकपत्र उपलब्ध कराए बगैर सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि घोषित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
महाविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष अभिषेक बोहरा ने कहा कि इस बार वैसे ही सत्र देरी से शुरू हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी व्यवस्थाएं तो ठीक नहीं कर पा रहा है दूसरी तरफ वह विद्यार्थियों पर नए नियम थोपते जा रहा है। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी से कराई जा सेमेस्टर परीक्षा की तिथि बदलने की मांग की। कहा कि अन्य कॉलेजों से भी इस संबंध में संपर्क साधा जा रहा है और विश्वविद्यालय के खिलाफ व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। प्रदर्शन में एनएसयूआई के उपाध्यक्ष मनोज महर, छात्रसंघ अध्यक्ष जगदीश धामी, उपसचिव सूरज गिरी, पंकज लुंठी, मनीष कसनियाल, रोशन महर, अर्जुन, गौरव, विनोद जोशी, रोहित कुमार, परवीन, अमित कापड़ी, नवराज भैंसोड़ा, पंकज कुमार आदि थे।