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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं का टोटा

Thu, 18 Feb 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़।
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 जिले की लगभग 4.5 लाख आबादी के लिए बने जिला अस्पताल में इस समय दवाओं की भारी कमी है। जिला अस्पताल में रुई, आई ड्राप, इयर ड्राप तक नहीं मिल पा रही है। यह बात अलग है कि रोजमर्रा के मरीजों के लिए पैरासिटामोल, बी कांप्लेक्स, सिटराजिन, एंटीबायोटिक दवाएं मिल जा रही हैं।
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अस्पताल के स्टोर विभाग के अनुसार अस्पताल में पेट के कीड़े मारने वाली दवा एल्बेंडोजॉल पूरी तरह समाप्त है। जीवन रक्षक दवाओं में एंटीनाजिन और निकीसामाइन का लंबे समय से अभाव चल रहा है। अस्पताल में कफ सीरप उपलब्ध नहीं है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने की दवा एम्लोडिफिजन भी इस समय उपलब्ध नहीं है। एंटीबायोटिक लिक्विज सैवलोन अस्पताल में नहीं मिल पा रहा है। जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी ठीक यही स्थिति है। उनमें आक्सीटोसिन, पेनोटाइन, रैबीज वैक्सीन का अभाव है। यूं तो प्रदेश के सभी जिलों में दवा का संकट है लेकिन सीमांत जिले के अस्पतालों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल पर पूरे जिले का भार है और नेपाल तथा चंपावत जिले के मरीज भी यहां पहुंचते हैं। बताया गया है कि दवाओं का स्टॉक शासन से ही नहीं भेजा गया है। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. हरीश लाल का कहना है कि स्वास्थ्य महानिदेशक को दवाओं की स्थिति की जानकारी दे दी है। उम्मीद है कि जल्दी ही दवाओं की आपूर्ति हो जाएगी।


बाजार से दवा खरीदना मजबूरी
पिथौरागढ़। जब अस्पताल में दवाओं का कोटा ही उपलब्ध नहीं है तो मरीजों को मजबूरी में बाजार से दवा खरीदनी पड़ेगी। एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जो दवाएं अस्पताल में नहीं मिल रही हैं उनको बाजार से खरीदने को कह दिया जाता है। वह कहते हैं कि पिछले करीब एक महीने से यह स्थिति सामने आई है। बीपीएल श्रेणी के मरीजों को भी दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है।
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