उपभोक्ताओं की संख्या कम होने के कारण जिले में भारत संचार निगम लिमिटेड के नौ टेलीफोन एक्सचेंज बंद कर दिए गए हैं। बीएसएनएल के अधिकारियों का तर्क है कि इन एक्सचेंज के संचालन में खर्च अधिक होने और आमदनी शून्य होने के कारण यह फैसला लिया गया। दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य रघुवीर सिंह ने पिछले दिनों अल्मोड़ा में हुई सलाहकार समिति की बैठक में बंद पड़े एक्सचेंज का मामला उठाया था।
सिंह के अनुसार जिले में बुंगाछीना, आठगांवशिलिंग, जाखपुरान, गौरीहाट, खिरमांडे, भागीचौरा, बड़ावे, मुवानी, चौबाटी के टेलीफोन एक्सचेंज बंद पड़े हैं। उन्होंने बैठक में यह जानकारी चाही कि बंद पड़े एक्सचेंज कब तक शुरू होंगे, लेकिन निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं की कमी होने के कारण इन एक्सचेंज को फिर से चालू कर पाना संभव नहीं है। अब ग्रामीण अंचलों में भी सभी लोग मोबाइल फोन का उपयोग करने लगे हैं। जिनके पास पहले से लैंडलाइन फोन थे, ज्यादातर लोग कनेक्शन कटा चुके हैं।
उन्होंने बैठक में गंगोलीहाट के लिए बिछाई जा रही केबल लाइन का मामला भी उठाया। यह काम सात साल से चल रहा है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ। पांच बार इसकी जांच हो चुकी है, लेकिन दोषी अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में कहा गया कि निगम के स्तर से इसमें कार्रवाई की जा रही है। जिले के लोगों को फिलहाल 4-जी नेटवर्क की सुविधा मिलने में देरी है। यह मामला बीएसएनएल के कारपोरेट स्तर पर अटका है।