भारत और नेपाल सीमा पर स्थित गांवों एवं कस्बों को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए माजिरकांडा में लगाया गया मोबाइल टावर रामभरोसे चल रहा है। बिजली जाने के बाद यह टावर काम करना बंद कर देता है। बताया गया कि करीब 10 वर्ष पूर्व स्थापित इस टावर को चलाने के लिए अब भी पुरानी बैटरियों से काम लिया जा रहा है। बैटरियों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनसे पानी लीक करने लगा है। अगर लंबे समय के लिए बिजली बाधित हो जाए तो लोगों को इमरजेंसी में बात करने के लिए नेपाल की संचार कंपनियों के सिम का सहारा लेना पड़ता है।
माजिरकांडा टावर से बड़ालू, गैना, बगरतोली, गौरीहाट, दौली, माजिरकांडा, कानड़ी, भटेड़ी, खरक्यूड़ा, बनाड़ा, सीमू, झूलाघाट को सिगनल मिलता है, लेकिन बिजली जाते ही यह टावर बंद हो जाता है। क्षेत्र में अन्य किसी कंपनी के मोबाइल टावर न होने के कारण यहां के लोगों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के इन गांवों में लोगों के पास लैंडलाइन फोन भी नहीं हैं। सरकार ने पिछले वर्ष डब्ल्यूएलएल सेवा को भी बंद कर दिया है। इसी कारण यहां के गांवों में अधिकांश लोग नेपाली सिम की सेवा लेने को मजबूर हैं। इन गांवों के लोगों को इमरजेंसी सेवा के समय 108 वाहन को बुला पाना भी कठिन हो जाता है।
दूरसंचार विभाग के उपमंडलीय अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि माजिरकांडा टावर के बिजली जाने के बाद बंद हो जाने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर नई बैटरियों की मांग की गई है। जल्दी ही नई बैटरियां लगा दी जाएंगी।
झूलाघाट में थ्री जी टावर लगेगा
नेपाल सीमा पर स्थित झूलाघाट कस्बे में बीएसएनएल का थ्री जी टावर स्वीकृत हो चुका है। इसके लिए मकान का चयन भी हो चुका हैं। शीघ्र ही टावर का सामान और जेनरेटर झूलाघाट पहुंचने वाला है। झूलाघाट में दूरसंचार विभाग की टीम ने थ्री जी सिम भी बांटने शुरू कर दिए हैं। थ्री जी टावर लगने के बाद से इस क्षेत्र की संचार की समस्या हल होने की उम्मीद है।