पिथौरागढ़। पहले से बसों की कमी से जूझ रहे पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े से 10 बसें कम हो गई हैं। मानक पूरा कर चुकीं इन बसों को टनकपुर भेज दिया गया है। हैरानी है कि इनके बदले डिपो को सिर्फ दो नई बस देकर औपचारिकता निभा दी गई है। अब बेड़े में शेष रह गई अधिकतर पुरानी को सड़कों पर दौड़ाना डिपो की मजबूरी बन गया है जो आए दिन यात्रियों को रास्ते में धोखा दे रही हैं।
पिथौरागढ़ डिपो लंबे समय से करीब 21 पुरानी बसों को विभिन्न रूटों पर दौड़ा रहा था। मानक और अपनी उम्र पार कर चुकीं बसों को दौड़ाकर यात्रियों की सुरक्षा को भी अनदेखा किया जा रहा है। ऐसा इसलिए कि इन बसों का कभी स्टेयरिंग जाम हो रहा है तो कभी इनके इंजन से धुंआ निकलकर यह रास्तों पर खड़ी हो रही हैं। इस लापरवाही के चलते यात्री पुरानी खटारा बसों में जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
दो बसों को भेज दिया गया लोहाघाट
पिथौरागढ़। डिपो को पिछले महीने छह नई बसों उपलब्ध हुईं। इनमें से दो बसों को विरोध के बावजूद भी लोहाघाट भेज दिया गया। यह हाल तब हैं जब डिपो के पास बसों की कमी है और मदकोट-मुनस्यारी सहित डीडीहाट, गंगोलीहाट जैसे क्षेत्रों से देहरादून के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है। अब निगम निदेशालय ने दो नई बस भेजकर खानापूर्ति कर दी है। संवाद
नई बसों के चलने पर भी है संशय
पिथौरागढ़। डिपो को मिली दो नई बसों के संचालन पर भी संशय बना हुआ है। चर्चा है कि इन्हें पिछली बार की तरह अन्यत्र भेज दिया जाएगा। ऐसा इसलिए कि दो में सिर्फ एक बस पर ही पिथौरागढ़ डिपो लिखा गया है। संवाद
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कोट
- नई बसें पिथौरागढ़ डिपो के लिए ही हैं। ये किस रूट पर चलेंगी डिपो प्रशासन इस पर निर्णय लेगा। - एके बनवाल, आरएम, टनकपुर मंडल