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पिथौरागढ़ में बादल फटा, सात लोगों की मौत, 18 लापता

Fri, 01 Jul 2016 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/थल/नाचनी
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मलबे में दबे लोगों की तलाशी में लगे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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जिले में शुक्रवार सुबह बादल फटने की दो अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। 12 लोग घायल हो गए। प्रशासन के आंकड़े के मुताबिक 18 लोग लापता हुए हैं, जबकि लापता लोगों की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।
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सबसे बड़ी घटना कनालीछीना विकासखंड के बस्तड़ी गांव में हुई। वहां पर रात 1.30 बजे सबसे पहले चंद्रबल्लभ पुत्र हरिदत्त का मकान भारी बारिश के दौरान टूटा।

चंद्रबल्लभ हल्द्वानी गए थे। उनके परिवार के चार सदस्य मलबे में दबकर मारे गए। जब तक लोग इस मकान में राहत कार्य शुरू कर रहे थे। सुबह करीब 6.30 बजे केशव दत्त, चंद्रबल्लभ पुत्र ईश्वरी दत्त, मोहन चंद्र पुत्र हरिदत्त, कृष्णनंद पुत्र हरीश चंद्र, माधवानंद पुत्र मोती राम के मकान भी मलबे की चपेट में आकर ध्वस्त हो गए। इन मकानों में कई लोग जिंदा दफन हो गए। बस्तड़ी से करीब एक किमी नीचे पत्थरकोट में 72 वर्षीय जहद सिंह पुत्र मदन सिंह की मौत हो गई। उनके परिवार के पत्नी लीलावती, बहू ममता, नातिन मनीषा और भूपेंद्र मौके से भाग गए। घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले सेना की 8 असम रायफल्स के 80 जवानों की टीम मौके पर पहुंची। उसके बाद आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम के अलावा पुलिस टीम ने राहत कार्य शुरू किया।
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प्रशासनिक अधिकारियों में सबसे पहले डीडीहाट के तहसीलदार पीसी पंत मौके पर पहुंचे। उसके बाद जिला मुख्यालय से डीएम एचसी सेमवाल, पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा, आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा, धारचूला के एसडीएम एसके पांडे मौके पर पहुंचे। राहत दलों ने दोपहर बाद तक मलबे से छह शव निकाल लिए। प्रशासन ने बस्तड़ी में 18 लोगों के लापता होने की सूचना दी है। पांच घायलों में से तीन को हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने बस्तड़ी में 85 जानवरों के मलबे में दबने की भी जानकारी दी है।

उधर, थल और नाचनी के ठीक बीच में स्थित मुनस्यारी तहसील के रिगूनिया नौलड़ा ग्राम पंचायत के कुमालगौन गांव में रात करीब 12 बजे बादल फटने की घटना हुई। इस घटना में बचीराम के परिवार के तीन सदस्य लापता हो गए। लापता लोगों में खुद बचीराम (45), उनकी पत्नी पार्वती देवी (44), बेटा मनोज कुमार (18) मलबे में दब गए। काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चल पाया है। बची राम के परिवार के उनके बच्चे कमलेश, नीरू ने भागकर जान बचाई। बची राम के पांच भाइयों का मकान एक साथ था। उनके भाई बहादुर राम, गोपाल राम, दीवानी राम और महेश राम के मकानों को खतरा तो हुआ है, अलबत्ता परिवार के सदस्य हादसे में बच गए। कुमालगौन के पास दाफिला गांव में दौलत सिंह का मकान भी ध्वस्त हो गया। उनके मकान में दबकर एक भैंस, एक गाय, एक बछड़ा मारा गया। 
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बस्तड़ी में अब तक मिले शव
माधवानंद (75) पुत्र मोतीराम
चंद्रबल्लभ (60) पुत्र जय दत्त
गिरीश चंद्र (35) पुत्र गोपाल दत्त
रेवाधर (45) पुत्र कृष्णानंद
रवींद्र (45) पुत्र चंद्रबल्लभ
जहद सिंह (72) मदन सिंह

बस्तड़ी में लापता लोगों की सूची
रमुली देवी (80) पत्नी हरी दत्त
सरस्वती देवी (60) पत्नी हरी दत्त
दीपा (40) पत्नी चंद्रबल्लभ
रिया (10) पुत्री चंद्रबल्लभ
कृष्णानंद (42) पुत्र डिगरदेव
खुशी (10) पुत्री कृष्णानंद
आर्यन (8) पुत्र कृष्णानंद
माया दत्त (45) पुत्र मुरलीधर
जीवन (31) पुत्र चंद्रबल्लभ
शेखर भट्ट (35) पुत्र दामोदर
चंद्रकला (26) पत्नी शेखर भट्ट
गिरीश चंद्र (28) पुत्र रामदत्त
जगदीश चंद्र (50 ) पुत्र नारायण दत्त
इंदु देवी (43) पत्नी जगदीश चंद्र
गौरव (17) पुत्र मोहन चंद्र

बस्तड़ी में घायलों की सूची
मंजू (50) पत्नी मोहन चंद्र
विनोद (21) पुत्र मोहन चंद्र
मोहन चंद्र (55) पुत्र हरीदत्त
सुनीता (23) पत्नी मोहन चंद्र
नीलम (26) पत्नी कृष्णानंद
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