प्रसव पूर्व गर्भ निदान के लिए जिला स्तर पर गठित सलाहकार समिति की बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी एचसी सेमवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। कहा गया कि जिले में प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण में सख्ती होने के बाद अब जिले से कुछ महिलाएं यूपी के पीलीभीत और ऊधमसिंह नगर जिले में जाकर लिंग परीक्षण करा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए दोनों जिलों के डीएम को पत्र भेजने का फैसला लिया गया।
डीएम सेमवाल ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन में जो डिवाइस लगाई गई है उसकी तकनीकी टीम और मेडिकल टीम लगातार चेकिंग करेगी। ट्रैकिंग डिवाइस सिस्टम खराब होने पर उसे तत्काल ठीक किया जाए। बैठक में सीएमओ डा. यूएस अधिकारी ने लिंगानुपात के नए आंकड़े जारी करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ जिले में इस समय 1000 पुरुषों में 955 महिलाएं हैं।
लिंगानुपात में हाल के दिनों पर इसलिए सुधार आया, क्योंकि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की लगातार चेकिंग की गई और बेटी बचाओ अभियान चलाया गया। बैठक में समिति की सदस्य रेनू ठाकुर ने कहा कि ट्रैकिंग डिवाइस सिस्टम को ठीक रखना बेहद जरूरी है। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी डा. उषा गुंज्याल, महिला अस्पताल की सीएमएस डा. निर्मला पुनेठा समेत तमाम सदस्य मौजूद थे।