थल-मुनस्यारी रोड पर ग्वीरा के पास बही सड़क
- फोटो : अमर उजाला
जिले में मंगलवार रात से हो रही मध्यम स्तर की बारिश से कई सड़कों पर मलबा गिरने लगा है। पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे पर जोग्यूड़ा के पास बुधवार सुबह सात बजे भारी मलबा गिरने से यातायात तीन घंटे तक बंद रहा। सीमा सड़क संगठन ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी और मजदूर तैनात कर दिए थे। सीमा सड़क संगठन के साइड इंचार्ज विशन सिंह पिंगल ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। मलबा आते ही उसे हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। फिलहाल जिले में छह आंतरिक मार्ग बंद हैं।
पिथौरागढ़ तहसील क्षेत्र में सल्लाचिंगरी से सेल को जाने वाली सड़क मलबा आने से बंद है। यात्रियों को कम से कम तीन किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ रहा है। इलाके में रसोई गैस, सब्जी की सप्लाई बंद है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज चंद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क को खोलने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। वहीं, थल-मुनस्यारी सड़क पर सात जुलाई से बड़े वाहनों का संचालन नहीं हो पाया है। चिफलवा और ग्वीर के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया था। उसकी अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि दोनों स्थानों पर चट्टान को काटकर बड़े वाहनों के चलने योग्य बनाने का काम चल रहा है। इसमें दो-तीन दिन और लगेंगे। मुनस्यारी में रसोई गैस की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसी के पास अब रिजर्व कोटा भी समाप्त हो गया है।
धारचूला तहसील में तवाघाट-पांगला मार्ग बंद है। तवाघाट से कंज्योति जाने वाली सड़क भी तीन से बंद चल रही है। डीडीहाट तहसील में चौबाटी-बोराबुंगा मार्ग बंद है। नाचनी-बांसबगड़, बांसबगड़-कोटा मार्ग पर अभी वाहनों का संचालन नहीं हो पाया है।
इधर, जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बंद सड़कों को खोलने का काम प्राथमिकता में रखने को कहा है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार जिले से मैदान को जोड़ने वाली सभी सड़कों पर यातायात सामान्य है। स्टेट हाइवे पर भी यातायात खुला हुआ है। आंतरिक सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम चल रहा है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-9.2 एमएम
गंगोलीहाट-17.0 एमएम
बेड़ीनाग-12.0 एमएम
डीडीहाट-9.5 एमएम
मुनस्यारी-40.0 एमएम
धारचूला-20.4 एमएम
प्रमुख नदियों का जल स्तर
पिथौरागढ़। लगातार हो रही बारिश से जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार बुधवार को महाकाली का जलस्तर 888.80 मीटर पहुंच गया। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर है। गोरी का जल स्तर 604.80 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.80 पर लगा हुआ है। सरयू का जल स्तर 448.30 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर है। फिलहाल सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।