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पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे फिर सात घंटे बंद रहा

Sun, 06 Aug 2017 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/अस्कोट
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पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे में लखनपुर के पास यात्रियों की मदद करते एसडीआरएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला
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बारिश की रफ्तार रविवार को कम हो गई, लेकिन पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे पर मलबा गिरने का क्रम थमा नहीं है। लखनपुर और बलधार के पास रविवार सुबह पांच बजे भारी मात्रा में चट्टान गिरने से सात घंटे तक आवाजाही बंद रही। दोपहर 12 बजे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इस दौरान लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि लखनपुर के पास अब भी चट्टान और मलबा गिरने का खतरा बना है। खतरे को देखते हुए लखनपुर, बलधार में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
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सड़क बंद होने से धारचूला से पिथौरागढ़, टनकपुर, हल्द्वानी, दिल्ली, देहरादून को जाने वाले वाहन लखनपुर में फंसे रहे। पिथौरागढ़ से धारचूला, जौलजीबी जाने वाले वाहनों को भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लखनपुर में पिछले कई वर्षों से खतरनाक जोन बन चुका है। बिना बारिश के भी इस स्थान पर चट्टानें दरकती रहती हैं। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि सड़क खोलने के लिए हर संवेदनशील स्थान पर जेसीबी और मजदूर तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होते ही मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया जाता है। इधर, पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर बंदकलीमा, गुड़ौली, पिनौड़ागाड़, लखनपुर में अक्सर मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। बारिश के मौसम में सड़क अक्सर बंद हो जाती है।

वहीं, जौलजीबी-मदकोट-मुनस्यारी मार्ग पर घिंघरानी के पास मलबा गिरने से वाहन चालकों को करीब तीन घंटे तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। घिंघरानी में अक्सर मलबा गिरता रहता है। मुनस्यारी से पिथौरागढ़ जाने के लिए मदकोट-जौलजीबी वाला रास्ता ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में इस सड़क के अक्सर बंद होने से वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। यह सड़क रविवार को सुबह छह से नौ बजे तक बंद रही।
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