डीडीहाट में भूस्खलन के कारण खतरे से घिरा मकान
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लगातार हो रही बारिश से नगरपालिका क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा मकान खतरे की जद में आ गए हैं। कई मकानों के आंगन की और पीछे की दीवारें धंस गई हैं। इस कारण प्रशासन ने तहसील क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है।
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका के चारों वार्डों में कई मकानों के आंगन और पीछे की दीवार अब भी गिर रही हैं। 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बाद हल्की धूप निकलने से भूस्खलन का खतरा ज्यादा बढ़ रहा है। एसडीएम विवेक प्रकाश ने राजस्व टीम को खतरे की जद में आए मकानों को तुरंत खाली कराने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि पूरे तहसील क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। सभी विभागों को आपदा से निपटने के लिए चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, नगर क्षेत्र और आईटीबीपी को आने वाली पेयजल योजना भनड़ा के पास टूट गई थी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि पेयजल लाइन की मरम्मत कर दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बारिश से नाघर कुम्डार गांव में भगवान सिंह और रियांसी में राजू कठायत के मकान को खतरा हो गया है।
इन लोगों के मकान खतरे की जद में
भूस्खलन से डीडीहाट क्षेत्र में 12 परिवारों के मकानों को खतरा हो गया है। यह मकान नगर के अलग-अलग स्थानों पर हैं। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मदन राम, हंसा देवी, मंटू बोरा, बीबी कफलिया, चंद्रबल्लभ, पुष्कर सिंह, बलवंत सिंह, मनीष बोरा, सूर्य मांटेसरी स्कूल का भवन, गोपाल सिंह, राजेश राम और मोहन राम के मकानों के आंगन की दीवार टूटने से खतरा हो गया है।