ब्लास्टिंग के बाद पहाड़ी दरकने से सड़क पर गिरा मलबा और बोल्डर।
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ब्लास्टिंग के दौरान पहाड़ टूटने से बंद हुई पिथौरागढ़- धारचूला सड़क दूसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी। डीडीहाट और धारचूला के लिए यात्रियों को थल रूट से 45 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर आवागमन करना पड़ा। सड़क बंद होने से होली का त्योहार मनाने के लिए घर लौट रहे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
पिथौरागढ़ से धारचूला के लिए नेशनल हाइवे का चौड़ीकरण किया जा रहा है। मंगलवार को जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर गुड़ौली के समीप कटिंग के लिए की गई ब्लास्टिंग से पूरी पहाड़ी दरककर सड़क पर आ गई थी।
तब से इस रूट में यातायात ठप पड़ा हुआ है। बुधवार को भी सड़क पर पड़ी चट्टानों को नहीं हटाया जा सका। इसके चलते धारचूला और डीडीहाट के लिए वाहनों का संचालन मुवानी-थल रूट से करना पड़ा। बंदरलीमा, हचीला, चर्मा सहित आसपास के ग्रामीणों को भी कनालीछीना पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ा।
वाहन संचालन बंद होने से अजाड़ीगांव, गुड़ौली, बंदरलीमा के लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। सीमा सड़क संगठन द्वारा बुधवार को सुबह से ही मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया था लेकिन शाम तक भी मलबा और बोल्डरों को नहीं हटाया जा सका था। सड़क बंद होने से धारचूला, डीडीहाट, भागीचौरा क्षेत्र के लिए जरूरी सामान गैस के वाहन भी थल रूट से संचालित हो रहे हैं।