रंगों से खेलते एसबीएम स्कूल के बच्चे।
- फोटो : पिथौरागढ़
सीमांत जिले में फूलदेई का पर्व परंपरागत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान छोटी बालिकाओं ने अपने-अपने घरों की देलियों की फूल और चावल से पूजा की। बेटियों को भेंट में चावल, गुड़ और रुपये दिए गए। बालिकाओं ने फूलदेई, छम्मा देई, द्वैंणी द्वार, भर भकार, यो देलि सौ बारंबार नमस्कार के शुभ गीत गाए।
फूलदेई के पर्व को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। चैत्र माह के पहले दिन संक्रांति पर्व पर छोटी कन्याओं ने मौसमी फूलों प्योंली, आंड़ू और चावल से घरों की देहरी पूजा की। इस मौके पर उन्हें भेंट दी गई। साथ ही घरों में खीर और मीठे पकवान बनाए गए।
जिले के गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, नाचनी, डीडीहाटव भागीचौरा, गर्खा, अस्कोट, सिंगाली, कनालीछीना, जौलजीबी, मुनस्यारी, मदकोट, बरम आदि जगहों पर भी फूलदेई का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देवलथल एसबीएम स्कूल में छात्राओं ने पूजा कर फूल और चावल से रंगोली सजाई। इस मौके पर प्रबंधक मंजुल बिष्ट, प्रधानाचार्य एमडी कापड़ी, शिक्षिका सुमन बिष्ट आदि मौजूद रहे।