पिथौरागढ़। पति और पत्नी के रिश्ते में शक बीच में आए तो यह बड़ी घटना का कारण बन सकता है। यही हुआ द्वालीसेरा में हुई घटना में। आशा कार्यकर्ता पत्नी को आने वाले विभागीय और अन्य फोन शक का आधार बने और पति को उसका कातिल बना दिया।
द्वालीसेरा में बीते बुधवार देर रात एक आशा कार्यकर्ता गीता देवी की उसके पति भुवन ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की तो इसके पीछे शक वजह बनी। सीओ केएस रावत ने बताया कि आशा कार्यकर्ता होने से मृतका को दिन में कई बार विभागीय अधिकारियों और अन्य लोगों के फोन आते थे। पति को यह बात समझ में नहीं आई कि उसकी पत्नी की आम जनता के प्रति जवाबदेही है। दिन में कई बार फोन आते थे तो पति को अपनी पत्नी पर शक होने लगा। गांव में एक मेंहदी कार्यक्रम के दौरान पत्नी देरी से घर लौटी तो पति का शक गहरा गया। पत्नी के घर लौटते ही उसने विवाद शुरू कर दिया। पत्नी अपना बचाव करती रही लेकिन आवेश में आकर उसने पत्नी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने पति की कहानी के आधार पर जब मृतका के फोन पर आए कॉल की पड़ताल की तो अधिकांश फोन विभागीय अधिकारी या आम जनता के मिले। सीओ केएस रावत ने कहा कि प्राथमिक जांच में पति के आरोप निराधार मिले हैं। जांच जारी है। फिलहाल किसी भी निर्णय तक नहीं पहुंचा जा सकता है।