विशेष सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुराचार करने के आरोपी को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को धारा 363 और पॉक्सो अधिनियम में भी सजा हुई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार धारचूला तहसील के बरम निवासी प्रकाश राम 11 जनवरी 2015 को एक किशोरी को बहला-फुसलाकर जंगल में ले गया। उसने बालिका को एक गुफा में रखा था। किशोरी की मां ने 13 जनवरी 2015 को जौलजीबी थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। काफी खोजबीन के बाद पुलिस ने किशोरी को जंगल में गुफा से प्रेम राम के कब्जे से बरामद किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 363 और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था।
यह मामला न्यायालय में चल रहा था। शुक्रवार को विशेष सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को धारा 376 और पॉक्सो एक्ट में दस वर्ष के सश्रम कारावास, तीन हजार रुपये जुर्मान की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 363 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अभियोजन पक्ष में इस मामले में आठ गवाह अदालत में पेश किए।