गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। बीते तीन फरवरी को जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच के लिए शनिवार को पहुंची टीम को स्थानीय लोगों, व्यापारियों और परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। टीम के पहुंचते ही सभी सीएचसी पहुंच गए और स्वास्थ्य कर्मियों को जच्चा-बच्चा की मौत का जिम्मेदार बताते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर धरना दिया।
बीते सोमवार को सीएचसी से रेफर एक नर्सिंग होम में प्रसव पीड़िता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। तब परिजनों और स्थानीय लोगों ने सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। मामला सार्वजनिक होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश किए।
शनिवार को जांच टीम सीएचसी पहुंची तो परिजन, व्यापारी व स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर धरना दिया। उन्हाेंने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि टीम ने जांच में लीपापोती की तो वे सड़कों पर उतरेंगे। टीम सीएचसी में मामले की जांच कर बमुश्किल लौटी।
धरना देने वालों में मृतका का पति रविंद्र सिंह, व्यापार संघ अध्यक्ष हितेश खाती, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरगोविंद रावल रावल, नीरज रावल, वीरेंद्र सिंह, कांग्रेस नगर अध्यक्ष नारायण सिंह बोहरा, कमल सिंह सुगड़ा, गंगा देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, नेहा देवी, प्रेमा देवी आदि शामिल रहे। संवाद
सीएचसी के चिकित्सकों के दर्ज हुए बयान, नर्सिंग होम की चिकित्सक अनुपस्थित
जांच टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ डॉ. मदन बोनाल, जिला अस्पताल की पीएसम डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, डॉ. विजय पांडे और डॉ. हेमंत पांडे ने सीएचसी पहुंचकर मामले में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। टीम नर्सिंग होम भी पहुंची लेकिन घटना के दिन तैनात महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स अनुपस्थित मिलीं। ऐसे में जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी।
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कोट
- मामले में जांच की गई। सीएचसी में संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए गए। नर्सिंग होम में मामले से जुड़ी महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स नहीं मिलीं ऐसे में जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है। - डॉ. मदन बोनाल, डिप्टी सीएमओ, पिथौरागढ़।