धारचूला (पिथौरागढ़)। भारी बारिश से सीमांत जिले की चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-लिपुलेख सहित कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। तल्ला दारमा घाटी के ग्राम सोबला के लागूथान नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया जिस कारण पूर्व प्रधान सुंदर का भवन क्षतिग्रस्त हो गया। गस्कू सड़क बंद होने से बड़ी संख्या में यात्री मार्ग में फंस गए। यात्रियों ने बिस्किट खाकर और पानी पीकर वाहनों में पूरी रात गुजारी।
जिले में रविवार रात को तेज बारिश के कारण तल्ला दारमा घाटी के ग्राम सोबला के लागूथान नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया। पानी के वेग से पूर्व प्रधान सुंदर का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। तेज बारिश के कारण बोल्डर आने धारचूला से तवाघाट, तवाघाट से सोबला ढाकर और तवाघाट-लिपुलेख सड़क कई जगहों पर सड़क बंद हो गई है। इस कारण दारमा, चौदास और व्यास घाटी का संपर्क पिछले तहसील मुख्यालय से कट गया है।
टनकपुर-तवाघाट एनएच धारचूला से तवाघाट के बीच कुलागाड़ और चेतलधार में बंद है। दारमा घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट से सोबला ढाकर सड़क के बीच चार जगह नारायणपुर, खेत गांव, सोबला और ग्राम दर के घटखोला में सुबह से बंद है। ग्राम पंचायत उमचिया निवासी अनिल बिष्ट ने बताया कि रविवार देर शाम तक सड़क नहीं खुलने से वह रात में धारचूला लौट आए। उन्होंने बताया कि रोड बंद होने से कई ग्रामीण वहां पर फंसे हुए हैं। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि बीआरओ और सड़क निर्माण कंपनी के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। सड़क शीघ्र खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
फंसे ग्रामीणों को पुलिस ने कराया भोजन
धारचूला। व्यास घाटी से गुजर रही तवाघाट-लिपुलेख सड़क के गस्कू के पास 24 घंटे से सड़क बंद होने दर्जनों वाहन और 30-40 ग्रामीण रविवार देर शाम से फंसे हैं। गस्कू के पास रहने और खाने की कोई व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों ने बिस्किट खाकर और पानी पीकर वाहन में ही रात बिताई। एसपी रेखा यादव के निर्देश पर थाना पांगला प्रभारी कोतवाल विजेंद्र शाह ने गस्कू के ऊपरी ओर फंसे हुए कुछ लोगों को थाना पांगला परिसर में ठहराया। सोमवार को गस्कू के नीचे की ओर फंसे लोगों को पुलिस टीम के एसआई गोपाल कृष्ण, हेड कांस्टेबल शोबन सिंह और रमेश कांडपाल ने रेस्क्यू कर पांगला थाने पहुंचाकर भोजन कराया। सड़क निर्माण कर रही सारथी कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बोल्डर गिरने से सड़क खोलने में दिक्कत आ रही है। मौसम ठीक होने पर सड़क खोल दी जाएगी।
मलबा आने से 16 घंटे बंद रही थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। रविवार शाम करीब छह बजे से रात भर बारिश के कारण मलबा आने से थल-मुनस्यारी सड़क रातिगाड़ और हरड़िया में 16 घंटे बंद रही। हरड़िया में सोमवार सुबह आठ बजे और रातिगाड़ में 10 बजे लोनिवि ने सड़क खुलवाई। हल्द्वानी, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी जाने वाले यात्रियों को तीन से पांच घंटे का इंतजार करना पड़ा। भैसकोट, बांसबगड़, कोटा, धामीगांव, राया-बजेता के साथ कई सड़कें मलबा आने से बंद हैं।
यूपीसीएल की नाचनी से मुनस्यारी को जाने वाली 33 केवी लाइन के चार डबल पोलों के तार गिर गए हैं। सात डबल पोल खतरे की जद में आ गए हैं। तार टूटने से मुनस्यारी तहसील की बिजली आपूर्ति रविवार रात से ठप है। अवर अभियंता मुकेश सिंह ने बताया कि खतरे में आए सभी पोलों को शिफ्ट करने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। कई गांवों की पेयजल लाइनों के टूटने से लोग पेयजल के लिए परेशान हैं।
रातिगाड़ और हरड़िया का मलबा राम गंगा में पटने से नदी का प्रवाह करीब दो मीटर उठ गया है। इससे नाचनी बाजार की सुरक्षा के लिए तैयार गए तटबंध के ऊपर पानी भरने से नाचनी के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। भैसखाल गांव में रातिगाड़ और खबरिया नाले का मलबा रामगंगा में पटने से भैसखाल गांव में कटाव शुरू हो गया है। इससे गांव को खतरा हो गया है। संवाद