पिथौरागढ़ के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू के लिए भेजा गया हेलीकॉप्टर डीडीहाट के मिर्थी
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पिथौरागढ़। सीमांत में आयी भीषण आपदा के बाद राहत एवं बचाव के लिए एक हेलीकॉप्टर पिथौरागढ़ पहुंच गया है। मौसम साफ होने पर शनिवार सुबह से बंगापानी तहसील के जारा जिबली, लुम्ती और मोरी सहित अन्य गांवों में जंगलों में फंसे लोगों को निकाला जाएगा।
बंगापानी तहसील के टांगा से लेकर बरम के मेतली तक के इलाके में आपदा ने जमकर कहर बरपाया है। चामी में पुल बहने से लोग नहीं आ पा रहे हैं। सेना के कुमाऊं स्काउट के जवानों ने लुम्ती सहित आसपास के गांवों के लगभग तीन सौ लोगों को तार और लकड़ी के कच्चे पुल के सहारे निकाल लिया है। लेकिन ज्यादातर ग्रामीण पहाड़ी के लगातार दरकने से नीचे की ओर नहीं आ पा रहे हैं। यह लोग गांव के ऊपरी हिस्से में स्थित जंगलों और खेतों में टैंट लगाकर मदद की उम्मीद में बैठे हैं। लुम्ती, मोरी, मेतली, जारा जिबली सहित अन्य गांवों के लोग खतरे में हैं। शुक्रवार को दिन में देहरादून से एक हेलीकॉप्टर मिर्थी हेलीपैड में उतरा। मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण हेली से रेस्क्यू नहीं किया जा सका। शनिवार को मौसम साफ होने पर गांवों में फंसे लोगों को निकालने और उन तक राशन सहित अन्य जरूरी सामान पहुंचाने का काम शुरू होगा। जिलाधिकारी डॉ. विजय कुुमार जोगदंडे के निर्देश पर राजस्व टीम भी गांवों में फंसे लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है।
शुक्रवार को सेना के 42, एसडीआरएफ के 24, आईटीबीपी के 7,पुलिस के 7, पीआरडी के 10, एक होमगार्ड और 14 राजस्व पुलिस सहित कुल 114 जवानों ने रेस्क्यू कार्य किया। राइंका बरम में 83 व्यक्तियों को राहत शिविर में रखा गया। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेरा में बनाए गए शिविर में 189 प्रभावित लोगों को रखा गया है। शुक्रवार को ग्राम तल्ला लुमती के ग्राम प्रधान को 2 टेंट, ग्राम मेतली के ग्राम दोगड़ में 1 बड़ा टेंट उपलब्ध कराया गया। शुक्रवार को चामी के दुगड़ीगाड़ में बीआरओ ने लकड़ी का पुल बनाया। इस पुल से लोगों को सुरक्षित निकाला गया।