चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर चुके क्वीरीजिमिया गांव के लोगों को मनाने के लिए गई प्रशासन की टीम बिना किसी समाधान के लौट आई है। काफी समझाने के बाद भी लोग चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस लेने को राजी नहीं हुए। क्वीरीजिमिया गांव के लोगों के चुनाव बहिष्कार के ऐलान के बाद जिला विकास अधिकारी के निर्देश पर एक टीम शनिवार को गांव के लोगों से वार्ता को गई थी। बैठक में कोई हल न निकल पाने की जानकारी खंड विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र वर्मा ने रिटर्निंग अफसर को दे दी है।
क्वीरीजिमिया के समाजसेवी देवेंद्र सिंह देवा और प्रधान रेनू देवी ने कहा कि गांव तक सड़क का निर्माण करने, बिजली सप्लाई सुचारु करने, गांव को संचार सुविधा से जोड़ने और आपदा प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में गांव की जनता को समस्या हल करने के नाम पर ठगा जाता रहा है। जब कोई जनप्रतिनिधि समस्या का समाधान नहीं करता तो वोट देने का कोई लाभ नहीं है।
तहसीलदार जीत राम और बीडीओ प्रकाश चंद्र वर्मा ने लोगों से यह फैसला वापस लेने की अपील की।
कहा कि मताधिकार का प्रयोग जरूर करें, लेकिन लोग सहमत नहीं हुए। गांव के लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि 15 फरवरी को गांव का एक भी व्यक्ति वोट डालने नहीं जाएगा और गांव से ईवीएम को खाली लौटा दिया जाएगा। ग्रामीणों की इस जिद के सामने प्रशासन का पहला प्रयास विफल हो गया है।