जनपद के पांचों निकाय में दो हजार से अधिक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित रहने का अनुमान है। सूची में नाम नहीं होने से जिले के हर मतदान केंद्र से दर्जनों की संख्या में लोग खाली हाथ लौटे। लोगों में इसके खिलाफ काफी नाराजगी थी।
पिथौरागढ़ जिले में पांच निकाय हैं। इनमें पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग शामिल हैं। इस बार निकाय चुनाव में 49278 मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज थे। रविवार को जब मतदाता केंद्रों पर पहुंचे तो अधिकतर नाम सूची से गायब थे।
पिथौरागढ़ नगरपालिका के कन्या मंडप मतदान केंद्र में दीपा लोहिया, लक्ष्मण राम, कमलेश लोहिया, कंचन, मंजू साह, हिमांशु राज, अंकित, राजेश्वरी, लच्छी राम, घनश्याम जोशी, भूपेंद्र मेहता, दीपक बिष्ट, दीपक मेहता, भास्कर खर्कवाल के पूरे परिवार के सदस्यों के नाम गायब थे। सिनेमा लाइन के पूर्व सभासद गोविंद सिंह बोहरा सहित 100 लोग बिना मतदान के लौटे। मुस्तकिम कुरैशी के परिवार के नौ सदस्यों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। भाजपा की जिला कार्यकारिणी सदस्य भावना नगरकोटी का नाम भी सूची में नहीं था।
विण जाखनी के मतदान केंद्र से भी बड़ी संख्या में लोग बिना मतदान के ही लौटे। सुनील कुमार ने बताया कि हर बार वह निकाय चुनाव में मतदान करते आ रहे हैं। इस बार नाम नहीं होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। दौला वार्ड में पूर्व प्रधान भूपेश नगरकोटी ने 300 से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं करने का आरोप लगाया। नवीन चंद्र नगरकोटी ने बताया कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य का नाम सूची में नहीं है। राजेंद्र नगरकोटी और दीक्षा नगरकोटी भी सूची में नाम नहीं होने से बिना मतदान किए ही लौटे।
उधर, धनौड़ा वार्ड में भी कई लोग बिना मतदान किए ही लौटे। निर्मला पटियाल ने आरोप लगाया कि मृत लोगों के नाम तो सूची में हैं, जबकि जीवित लोगों के नाम सूची से गायब हैं। इस वार्ड में रहने वाले एकमात्र मुस्लिम परिवार के छह सदस्यों के नाम भी मतदाता सूची में नहीं थे। नाराज लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
मतदाता सूची बनाने में लापरवाही का अंदेशा
पिथौरागढ़ में वर्ष 2013 के चुनाव में 33452 मतदाता थे। पांच साल बाद मतदाताओं की संख्या 33691 है, जबकि इस बार के चुनाव में नई ग्राम पंचायतों को शामिल कर 15 से बढ़ाकर 20 वार्ड बनाए गए हैं। डीडीहाट नगरपालिका में विस्तार के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बजाय घट गई। 2013 के चुनाव में 3204 मतदाता थे। इस बार मतदाताओं की संख्या घटकर 3137 रह गई। धारचूला में भी मतदाताओं की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है। पिछले चुनाव में यहां 3638 मतदाता थे। 2018 के चुनाव में मतदाताओं की संख्या 3794 है। इससे मतदाता सूची में लापरवाही का अंदेशा जताया जा रहा है।
बीएलओ को निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची पूरी जिम्मेदारी से तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। मतदाता सूची से नाम गायब होना गंभीर है। किस स्तर से यह गड़बड़ी हुई, इसे देखा जाएगा। जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सी रविशंकर, जिलाधिकारी पिथौरागढ़