10 परिवार चीड़ के छिलकाें की रोशनी में गुजार रहे रात
डीडीहाट (पिथौरगाढ़)। तहसील के दूनाकोट क्षेत्र के कानीधूरा तोक में सात दिनों से बिजली न होने से 10 परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के लोग चीड़ के छिलकों की रोशनी में भोजन बनाने से लेकर अन्य काम निपटा रहे हैं। लोगों ने बिजली सप्लाई शीघ्र ठीक करने की मांग की है।
दूनाकोट क्षेत्र के कानीधूरा तोक में 10 परिवार रहते हैं। 22 जून को खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने से गडेरा के पास स्थित ट्रांसफार्मर जल गया था। तब से अभी तक कानीधूरा में बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
कानीधूरा के सामाजिक कार्यकर्ता जगत सिंह ने बताया कि सात दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से शाम होते ही गांव अंधेरे में डूब जा रहा है। बच्चे पढ़ाई तक नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय इंद्र सिंह ने ऊर्जा निगम से नया ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। यूपीसीएल के एसडीओ केसी पांडे ने बताया कि शीघ्र ही ट्रांसफार्मर को बदल कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। संवाद
एनएचपीसी और लोहियाहेड विद्युतगृहों में उत्पादन शुरू
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी के पानी का पीपीएम कम होते ही मंगलवार देर रात को एनएचपीसी पावर चैनल और शारदा नहर में पानी छोड़ दिया गया। एनएचपीसी औैर लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली बननी शुरू हो गई है। मंगलवार को शारदा नदी में अत्यधिक गाद आने से एनएचपीसी की पावर चैनल और यूपी सिंचाई विभाग की शारदा नहर की जलापूर्ति रोक दी गई थी।
बीती देर शाम को नदी में साफ पानी प्रवाहित होने पर पावर चैनल में शाम सात बजे और शारदा नहर में रात आठ बजे पानी छोड़ दिया गया। यूपी सिंचाई विभाग अंतर्गत बनबसा शारदा हेडवर्क्स बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि नदी के पानी का पीपीएम दस हजार से कम होते ही पावर चैनल और शारदा नहर की सप्लाई सुचारू कर दी गई। इसके बाद एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन शुरू हो गया। संवाद