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सरकार बनी धृतराष्ट्र तो ‘पांडवों’ ने बनाया सेतु

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लकड़ी के पुल का निर्माण करते पांच गांव के लोग। अमर उजाला - फोटो : PITHORAGARH
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बंगापानी/पिथौरागढ़। वर्ष 2018 की बरसात में बंगापानी तहसील के सेरा, सिर्तोला समेत तमाम गांवों को जोड़ने वाली पुलिया बह गई थी। तब से सरकारी तंत्र सेरा के गधेरे में पुलिया का निर्माण नहीं करा पाया है। गधेरे में पानी बढ़ने से लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। धतृराष्ट्र की भांति आंखें मूंदे शासन-प्रशासन को देखकर पांच गांवों के लोगों ने एकजुट होकर गधेरे में लकड़ी की अस्थायी पुलिया का निर्माण कर सरकारी तंत्र को आइना दिखाने का काम किया है।
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पिछले वर्ष बरसात में सेरा के गधेरे में ब नी पुलिया बह गई थी। तब से सेरा, सिर्तोला, खर्तोली, शिलिंग और घांगली गांव के लोग जान जोखिम में डालकर गधेरे से आवागमन कर रहे थे। इन दिनों लगातार हो रही बारिश से गधेरे का जलस्तर बढ़ गया है। लोगों को आवाजाही में हो रही परेशानी देखते हुए इन पांच गांवों के ग्रामीणों ने गधेरे में लकड़ी की अस्थायी पुलिया का निर्माण करने का फैसला लिया।
रविवार को इन गांवों के लोग लकड़ी के डंडे, फंटियां लेकर मौके पर पहुंचे और करीब 20 फीट लंबी पुलिया का निर्माण किया। गांव के लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन से पिछले एक वर्ष से गधेरे में पुलिया का निर्माण करने की मांग कर रहे थे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मजबूरी में पुलिया का निर्माण करना पड़ा।
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पुलिया निर्माण में इनका रहा सहयोग
पुलिया का निर्माण करने वालों में हुकुम सिंह धामी, सुंदर धामी, प्रकाश सिंह, चंचल महर, महेश सिंह, देवेंद्र सिंह, तारा सिंह, राजू सिंह, प्रेम सिंह, खड़क सिंह, भवान सिंह समेत तमाम लोग शामिल थे।
स्थायी पुलिया नहीं बनी तो बंगापानी तहसील घेरेंगे
एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष विक्रम दानू ने कहा है कि सेरा गधेरे में स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं होता है तो संबंधित गांवों के लोगों को साथ लेकर बंगापानी तहसील का घेराव किया जाएगा।
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