गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। बेलपट्टी क्षेत्र के चहज सहित आधा दर्जन गांवों में स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है। इन गांवों के लोगों को बुखार और सिरदर्द की दवा लेने के लिए भी सात किमी दूर जाना पड़ रहा है।
बेलपट्टी के चहज, निगलटी, ड्यूल, रौतेड़ा अस्कोडा, बड़ेना आदि गांवों में मेडिकल स्टोर नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर चहज में एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। किराए के भवन में चल रहे इस अस्पताल के फार्मेसिस्ट की पनार में ड्यूटी लगी है। अब अस्पताल में केवल एक वार्डब्वॉय तैनात है। सामान्य बीमारी होने पर भी लोगों को मेडिकल स्टारों से दवा लाने के लिए सात से अधिक किमी दूर दूनी, चौनाला, पनार जाना पड़ता है। इस कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। चहज में तीन बार कोरोना जांच हो चुकी है। कई संक्रमित मिलने पर चहज को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। आसपास के गांवों में भी सर्दी, बुखार की शिकायतें आ रहीं हैं। जांच रिपोर्ट आने में देरी हो रही है।
गांव में कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उनके घरों में दवाई लाने वाला भी कोई नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने कुछ लोगों को आयुष किट दिए हैं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हयात सिंह का कहना है कि दूनी के एलोपैथिक चिकित्सालय में शीघ्र डॉक्टर एवं स्टाफ की नियुक्ति होनी चाहिए, ताकि लोगों को दूर न जाना पड़े। ड्यूल निवासी प्रमोद जोशी का कहना है कि लोग 500 रुपये में टैक्सी बुक कर दूनी, चौनाला से दवा खरीदने के लिए मजबूर हैं। चहज निवासी नवीन जोशी और भुवन जोशी का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा विहीन इस क्षेत्र की चिकित्सा सुविधा में सुधार किया जाना चाहिए।