कनार से बीमार महिला को इस तरह ला रहे लोग
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आपदा प्रभावित इलाकों में अब लोग नई आफत से घिरने लगे हैं। कनार ग्राम पंचायत के जिमतड़ा गांव में नौ अगस्त को आई आपदा के समय अपना मकान गंवाने वाली दुर्गी देवी अब गंभीर रूप से बीमार हैं। गांव के लोग डोली न होने के कारण दुर्गी देवी को लकड़ियों की डांडी में बांधकर 18 किलोमीटर दूर बंगापानी तक पैदल लाए। वहां से उसे मुनस्यारी अस्पताल ले जाया गया है।
नौ अगस्त को कनार का जिमतड़ा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। गांव में पांच लोगों के मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए और पांच मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा। आपदा की सूचना के बाद एसडीआरएफ के जवान और राजस्व विभाग के कर्मचारी गांव जरूर पहुंचे, लेकिन उसके बाद किसी ने भी पलटकर नहीं देखा। पूरे इलाके में कोई अस्पताल नहीं है। पैदल रास्ते बेहद खराब हालत में हैं। आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कोई चिकित्सा शिविर तक नहीं लगाया।
गांव के समाजसेवी जगत सिंह ने कहा कि प्रशासन ने आपदा से घिरे अन्य इलाकों की तरफ ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन कनार की कोई सुध नहीं ली। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। उनके लिए दवा नहीं मिल पा रही है। तहसीलदार आईबी मल्ल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को कनार में शीघ्र चिकित्सा शिविर लगाने को कहा गया है। साथ ही टूटे रास्तों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा गया है। सीएमओ डा. उषा गुंज्याल ने कहा कि जल्दी ही एक टीम कनार गांव भेजी जाएगी।