फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: विवाह में मंगलगीतों को भूले लोग, डीजे का चलन बढ़ा

Tue, 16 Dec 2025 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। नगर के एक होटल में आदलि कुशलि कुमाऊंनी मासिक पत्रिका की ओर से ब्या-बर्यात, पैंलि और आज विषय पर काव्य गोष्ठी हुई। कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से विवाह के बाजारीकरण पर चिंता जताई। कहा कि पहले विवाह मंगलगीतों के साथ होते थे। अब लोग मंगलगीतों को भूलते जा रहे हैं और डीजे की धुन पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।
विज्ञापन

वरिष्ठ कवि देवकी नंदन जोशी की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी हुई। चिंतामणि जोशी ने अपनी कविताओं के माध्यम से कहा कि पहले विवाह परंपरा, रीति-रिवाज और सामाजिक स्थिरता को ध्यान में रखकर होते थे। आज व्यक्तिगत पसंद, समानता, शिक्षा, सम्मान के मूल्यों का महत्व बढ़ गया है। कवयित्री लक्ष्मी आर्या ने गढ़वाली भाषा में कविता के माध्यम से वैवाहिक परंपराओं में आई कमियों पर चिंता जताई। महेश बराल ने नेपाली भाषा में कविता प्रस्तुत कर विवाह में अलगाव और फिजूलखर्ची पर तंज कसे।
इसी तरह गोविंद बिष्ट, मुन्नी पांडे, दिनेश भट्ट, डॉ. दीप चौधरी, भुवन सनवाल, गुमनाम पिरागढ़ी ने भी प्रस्तुति दी। वहां कार्यक्रम के अध्यक्ष देवकीनंदन जोशी, आदलि कुशलि की संपादक सरस्वती कोहली, होशियार सिंह ज्याला, बलवंत कुमार, रवि कुमार आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें