धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत तहसील की शकुंतला दताल को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने से उनके गृह क्षेत्र धारचूला और जौलजीबी सहित पूरे जिले में खुशी की लहर है। सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून में उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया।
72 साल की शकुंतला दताल को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने से जिले में खुशी है। पुरस्कार प्राप्त करने मंच पर पहुंची शकुंतला ने 35 साल तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने के अनुभव साझा किए। दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में वह आज भी सीमांत की समस्या को प्रमुखता से उठाती हैं। उनके प्रयास से जौलजीबी में अस्पताल खुल सका। उन्हें यह सम्मान मिलने पर ग्रामीण एकता मंच के तरुण पाल सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी है। धारचूला तहसील की लीला बंग्याल, सुमन वर्मा, कविता बुढ़ाथोकी को भी इससे पूर्व तीलू रौतेली पुरस्कार मिल चुका है। संवाद
बीनू, सरोज, भागीरथी आंगनबाड़ी पुरस्कार से सम्मानित
पिथौरागढ़। बाल विकास की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए धारचूला के राथी धामीगांव की आंनबाड़ी कार्यकर्ता बीनू धामी, मुनस्यारी के वनगांव की सरोज द्विवेदी, मूनाकोट के रियांसी की भागीरथी देवी को आंगनबाड़ी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून में तीनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। तीनों की इस उपलब्धि पर सीमांत जिले में खुशी की लहर है। कई लोगों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। संवाद