एनएच में सांकेतिक चक्काजाम के दौरान अधिकारियों का घेराव करते ग्रामीण।
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बारहमासी सड़क की कटिंग से खतरे में आए सिरमुड़ा गांव के लोगों ने शुक्रवार को पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच पर सांकेतिक चक्काजाम कर दिया। राजस्व विभाग और एनएच के अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
जिला मुख्यालय से 12 किमी दूरी पर स्थित सिरमुड़ा गांव ऑल वेदर रोड की कटिंग से खतरे में आ गया है। यहां पर लगभग बीस मकान खतरे की जद में हैं। मकानों की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही दीवार भी पिछले दिनों दरक गई। इससे ग्रामीण घबराए हैं। लगातार सुरक्षा की मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को एनएच पर चक्काजाम कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि अधिक बारिश में उनके मकान जमींदोज हो सकते हैं। इसके बावजूद उनकी सुध नहीं ली जा रही है। मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक ने एनएच के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनके भवनों के ठोस सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। डरे लोगों ने एनएच से उनके लिए सुरक्षित आवास और किराए की मांग भी उठाई। वार्ता के दौरान प्रधान कैलाश पांडेय, क्षेत्र पंचायत सदस्य ललिता पांडेय, कै.कुंडल सिंह, हयात सिंह, लछिमा देवी, कुंडल सिंह, खुशाल सिंह, राजेंद्र सिंह, ललित सिंह, हरीश सिंह, होशियार सिंह, शिव सिंह आदि ग्रामीण शामिल थे।
भूगर्भ वैज्ञानिक ने किया गांव का निरीक्षण
सड़क कटिंग से खतरे की जद में आए सिरमुड़ा गांव का भूगर्भ वैज्ञानिक एवं खान अधिकारी प्रदीप कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कटिंग के बाद जमीन दरकने से मकान खतरे की जद में हैं। सुरक्षात्मक उपाय करने की जरूरत है। अन्यथा अधिक बारिश में भूस्खलन का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जा रही है।