थल-मुनस्यारी सड़क पर क्षतिग्रस्त हरड़िया पुल।
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पिछले कई दिन से हो रही बारिश के चलते थल-मुनस्यारी सड़क पर स्थित हरड़िया वैली ब्रिज खतरे की जद में है। पुल की नींव दरक गई है। अब इसकी मरम्मत की जा रही है और इस काम के कारण शनिवार को इस पुल से वाहनों का संचालन रोक दिया गया है। मुनस्यारी के लिए भारी वाहनों का संचालन जौलजीबी-मदकोट-मुनस्यारी मोटर मार्ग से होगा।
बृहस्पतिवार रात से ही नींव को नुकसान पहुंचने लगा था। पुल के थल के छोर वाली नींव शुक्रवार सुबह दरक गई। जिस समय पुल की नींव दरकी उस समय नाले में पानी का प्रवाह भी नहीं था। माना जा रहा है कि भूकटाव के कारण नींव का कमजोर पड़ी। 30 मीटर लंबे इस वैली ब्रिज का निर्माण लोक निर्माण विभाग की डीडीहाट डिवीजन ने 2016 में किया था। निर्माण के वर्ष से ही पुल हर बरसात में खतरे में आ जाता है। पिछले एक सप्ताह से वैली ब्रिज की सुरक्षा का कार्य चल रहा है। इसके लिए आपदा निधि से 38 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई है। हरड़िया में हर साल बरसात में जमीन दरकती है। वैली ब्रिज को नुकसान पहुंचता है। इस लिहाज से अवमुक्त धन से हो रहा काम इस बरसात में भी टिक पाएगा, इस पर संशय है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता विनीत सैनी ने बताया कि पुल की नींव जुलाई 2018 में भी दरकी थी। तब सुरक्षा के लिए 30 मीटर लंबे पुल की लंबाई 3 मीटर और बढ़ा दी थी, जिससे खतरा टल गया। उन्होंने बताया कि जो नींव शुक्रवार को दरकी है, वह अस्थायी थी। वर्तमान में मजबूत संरक्षण कार्य चल रहा है। 23 फरवरी को पुल से भारी वाहनों का संचालन बंद रहेगा।