बलुवाकोट से कई गांवों को जाने वाले रास्ते में टूटी गौगाड़ पुलिया
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बलुवाकोट से नौ गांवों को जोड़ने के लिए गौगाड़ नाले पर बनी अस्थायी पुलिया टूटने से लोगों की मुसीबत बढ़ने लगी है। शुक्रवार को लोग बलुवाकोट बाजार नहीं आ पाए। यदि जल्दी पुलिया नहीं बनी तो इन गांवों के लोगों के सामने जरूरी सामान का संकट पैदा हो जाएगा। बृहस्पतिवार की शाम यह पुलिया टूट गई थी।
पुलिया टूटने से गैरागांव, डिगरा, छुरमल, बोरागांव, जोशीगांव, कांडा, कंपास, पय्यांपौड़ी, पंतागांव के लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। इन गांवों के लोग जरूरी सामान की खरीदारी के लिए बलुवाकोट बाजार आते हैं और अस्पताल भी बलुवाकोट में ही है। गौगाड़ नाले पर पहले विकासखंड की मद से बनाया गया सीमेंट का पुल था। 30 जून 2016 को आई आपदा में यह पुल बह गया। उसके बाद लोग प्रशासन से लगातार पुल बनाने की मांग करते रहे। जब कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सितंबर 2016 में नाले का जलस्तर कम होने पर लोगों ने अस्थायी रूप से लकड़ी की पुलिया तैयार की थी। लगातार पानी में होने के कारण इस पुलिया की लकड़ियां सड़ गई और यह खुद ही टूटकर गिर गई।
गैरागांव के पूर्व प्रधान हरी राम आर्य ने बताया कि इस समय नाला भारी उफान पर है और इसे पार कर पाना संभव नहीं है। नाले में कहीं पर भी दूसरी पुलिया नहीं है। शुक्रवार सुबह कई लोग इस नाले के पास आकर वापस लौट गए। पूर्व प्रधान ने कहा है कि यदि शीघ्र इस स्थान पर नई पुलिया नहीं बनाई गई तो इलाके में भुखमरी की नौबत आ सकती है। उधर, तहसील प्रशासन को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है। तहसीलदार आईबी मल ने विकासखंड कार्यालय के कर्मचारियों से कहा कि नई पुलिया बनाने के लिए सर्वे करें।