रास्ते की समस्या को लेकर धारचूला में दार्चुला के डीएम से मिलते लोग
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रं कल्याण संस्था की अगुवाई में व्यास घाटी के प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने नेपाल के जनप्रतिनिधियों के साथ दार्चुला के डीएम से मुलाकात कर नजंगगाड़ और लखनपुर के बीच अस्थायी पुलों का निर्माण करने की मांग की। नजंगगाड़ और लखनपुर के बीच भारतीय क्षेत्र में रास्ते क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित हो गया है।
रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल और संरक्षक अशोक नबियाल के नेतृत्व में दार्चुला के डीएम जनारजंग गौतम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि कुछ दिन पहले हुए भूस्खलन से लखनपुर से आगे पैदल मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। रास्तों पर पैदल चलना भी कठिन हो गया है। जानवरों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। ऐसे में भारत और नेपाल के प्रशासन ने पहल नहीं की तो अप्रैल में प्रवास पर जाने वालों को दिक्कत होगी। उच्च हिमालयी क्षेत्र के लोग हर साल अप्रैल में मूल गांव लौटते हैं।
कहा है कि रास्ता क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कत होगी, उन्हें लखनपुर तक वाहनों से जाना पड़ेगा, फिर नेपाल में प्रवेश कर नजंग वापस आना होगा। कहा कि भारत और नेपाल के पारंपरिक रोटी-बेटी के संबंधों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को स्थानीय स्तर पर भी प्रयास तेज करने होंगे। नेपाली कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष ललित बोरा ने कहा कि दोनों देशों की सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए संकट का समय है। दार्चुला के डीएम ने कहा कि नेपाल प्रशासन संवैधानिक दायरे को ध्यान में रखकर कार्यवाही शुरू कर चुका है। जो भी संभव होगा सहयोग देंगे। सोमवार को पिथौरागढ़ के डीएम के साथ होने वाली बैठक में जनता की भावनाओं से अवगत कराएंगे।
शिष्टमंडल में भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली, बूंदी की प्रधान लक्ष्मी रायपा, गर्ब्यांग की प्रधान पुष्पा देवी, नपलच्यू की प्रधान गंगोत्री नपलच्याल, नाभी की प्रधान सनम देवी कुटी की प्रधान सरिता कुटियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गर्ब्याल आदि थे।