मुख्यमंत्री रात के दो, ढाई बजे तक बैठक कर विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों के भीतर ऊर्जा भरने की कोशिश कर रहे हों लेकिन इस जिले में मुख्यमंत्री के आदेशों को हवा में उड़ा दिया जाता है।
मुनस्यारी क्षेत्र पंचायत की बैठक में 16 जून को मुख्यमंत्री हरीश रावत मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मलबे से पटी गूटी सड़क कोखोलने के आदेश दिए थे, सीएम के आदेश पर 8 दिन बीतने के बाद भी अमल नहीं हुआ है।
गूटी सड़क अब भी बंद है, बीमार, असहाय लोगों को 9 किलोमीटर पैदल डोली में ढोना पड़ रहा है। ग्रामीण पंचायतों के सदन क्षेत्र पंचायत और मुख्यमंत्री की अवमानना वाला यह मामला मुख्यमंत्री हरीश रावत के संज्ञान में लाया जा रहा है।
सड़क बंद होने का मामला क्षेत्र पंचायत की बैठक में कनिष्ठ उप प्रमुख देवकी देवी आदि सदस्यों ने उठाया था। मुख्यमंत्री ने सड़क बंद रहने पर नाराजगी प्रकट करते हुए सड़क को तत्काल खोलने के आदेश पीएमजीएसवाई के अभियंताओं को दिए।
सरकार के मुखिया के आदेशों को हवा में उड़ा दिया गया है। कनिष्ठ प्रमुख देवकी देवी ने मंगलवार को यह मामला धारचूला के विधायक (सीएम) प्रतिनिधि हीरा चिराल के सामने उठाया। कनिष्ठ प्रमुख ने बताया कि 15 जून को सड़क बंद हो गई थी, अब भी बंद है।
सोमवार को गूटी निवासी रुकमा देवी (59) पत्नी जगत सिंह की तबियत खराब हो गई। सड़क बंद होने से लोगों के हाथपांव फूल गए। लोगों ने मरीज को तत्काल डाोली में बिठा 9 किलोमीटर ढोकर बांसबगड़ पहुंचाया, वहां से वाहन से जिला मुख्यालय लाया गया।
उधर, विधायक प्रतिनिधि हीरा चिराल ने प्रकरण को सदन और मुख्यमंत्री अवमानना बताते हुए कहा है कि पीएमजीएसवाई के साथ ही प्रशासन की भी लापरवाही रही है। प्रकरण मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।