धारचूला में कमलेश दानू हत्याकांड के नौ दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके विरोध में सोमवार को स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने हत्यारों को फांसी दो के नारे के साथ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ढाई घंटे तक अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर आवाजाही ठप रही।
पूर्व चेतावनी के अनुसार सोमवार को बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अटल चौक पर एकत्र हुए। गौरव सेनानी संगठन के अध्यक्ष कैप्टन भूपाल सिंह रावल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। इसके बाद जुलूस मल्ली बाजार, घटधार, तहसील रोड और गांधी चौक होते हुए नेपाल रोड से भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर पहुंचा। पुल को बंद करने पर अड़े प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के चलते वे इसे पार नहीं कर सके। इसके बाद पुल के समीप ही जनसभा का आयोजन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि कमलेश की हत्या करने के बाद आरोपी नेपाल भागे हैं। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। ऐसे में आरोपियों को पकड़कर भारत लाया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि यदि नेपाल इसमें सहयोग नहीं करता है तो भारतीय क्षेत्र में कार्य कर रहे नेपाली नागरिकों को सम्मानपूर्वक नेपाल भेजकर अंतरराष्ट्रीय पुल को बंद कर देना चाहिए।
जनसभा को सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह बिष्ट, गौरव सेनानी संगठन के अध्यक्ष कैप्टन भूपाल रावल, राजेंद्र नेगी, जय सिंह दानू, विधायक प्रतिनिधि नृप गर्ब्याल, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष नंदा बिष्ट, भाजपा पूर्व अध्यक्ष हरीश धामी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख नेत्र कुंवर, रं कल्याण संस्था अध्यक्ष प्रकाश सिंह गुंज्याल, नारायण दरियाल, महेश वर्मा, विजय फिरमाल, रुकुम बिष्ट, महिराज गर्ब्याल, मनोज नगन्याल, राजीव दानू और अनवाल समुदाय के अध्यक्ष गुमान बिष्ट आदि ने संबोधित किया।
अनुज की छोटी बहन ने भी मांगा न्याय
अनुज सिस्ताल की छोटी बहन मोनिका ने अपने भाई के हत्यारों को गिरफ्तार कर न्याय की मांग कीू है। सातवीं में पढ़ने वाली मोनिका ने रोते हुए पूछा कि क्या मेरे भाई को न्याय नहीं मिलेगा। मोनिका को देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। सभी ने न्याय की लड़ाई में साथ देने का वादा किया।
कोतवाली का किया घेराव
जनसभा के बाद आक्रोशित भीड़ ने कोतवाली का घेराव किया। लोगों ने इतना समय बीत जाने के बाद भी जिले के आला अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मेले आदि की तैयारी के लिए भारत- नेपाल के जिला स्तरीय अधिकारी बैठक करते हैं लेकिन इतना निर्मम हत्याकांड हो जाने के बाद भी अधिकारी धारचूला नहीं आए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम मनजीत सिंह ने जनता से शांति की अपील की। कोतवाल विजेंद्र शाह ने कहा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
सीओ कुंवर सिंह रावत ने कहा कि आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे। घटना में शामिल या गलत जानकारी दे रहे संदिग्धों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम से वार्ता के बाद स्थगित किया आंदोलन
डीएम और एसपी के मौके पर पहुंचने की मांग पर प्रदर्शनकारी अड़े रहे। इसके बाद तहसील प्रशासन ने जिलाधिकारी से फोन पर उनकी वार्ता कराई। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद लोगों ने आंदोलन स्थगित किया। आंदोलनकारियों ने कहा है कि यदि कमलेश हत्याकांड के आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं तो सात दिन के बाद फिर से आंदोलन किया जाएगा।