बंगापानी (पिथौरागढ़)। पहाड़ की समस्याएं भी पहाड़ जैसी ही बड़ी हैं। यही स्थिति सड़क सुविधा से वंचित बंगापानी तहसील के आलम दारमा की भी है। सड़क सुविधा नहीं होने से यहां के लोग आज भी डोली पर निर्भर हैं। सड़क नहीं होने के कारण अस्पताल से इलाज कराकर लौटीं बुजुर्ग महिला को डोली पर बिठाकर ही घर पहुंचाना पड़ा।
आलम-दारमा के तोक निवासी हेमा देवी का स्वास्थ्य खराब होने से जिला अस्पताल में उनका इलाज किया गया। स्वास्थ्य जांच और इलाज कराने के बाद बृहस्पतिवार को जब वह गांव जाने के लिए आईं तो पैदल नहीं चल सकीं। इसके बाद ग्रामीण डोली लेकर आठ किमी दूर बंगापानी तहसील पहुंचे। यहां से ग्रामीणों ने हेमा देवी को डोली के सहारे आठ किमी दूर पैदल चलकर उनके घर पहुंचाया।
वर्ष 2016 से बंगापानी- दारमा सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। लगभग सात किमी सड़क बन चुकी है लेकिन गोरी नदी पर पुल नहीं बनने से यातायात सुविधा नहीं मिल पा रही है। किसी के घायल या बीमार होने पर आपात स्थिति में ग्रामीणों को बार-बार डोली का सहारा लेना पड़ता है।