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Pithoragarh News: थल-मुनस्यारी सड़क पर 18 घंटे थमी रही रफ्तार, यात्रियों की ट्रेन छूटी

Fri, 27 Sep 2024 04:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के पास मलबा हटाती जेसीबी। संवाद
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नाचनी (पिथौरागढ़)। बारिश ने फिर सीमांत के लोगों की दिक्कत बढ़ा दी है। बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से थल-मुनस्यारी सड़क 18 घंटे बंद रही। सैकड़ों वाहन और यात्री विभिन्न स्थानों पर फंसे रहे। समय पर हल्द्वानी न पहुंचने से मुनस्यारी स्थित चेतना केंद्र से वापस लौट रहीं गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की 24 महिलाओं की ट्रेन छूट गई।
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सीमांत जनपद में बीते बुधवार हुई बारिश ने लोगों की दिक्कत बढ़ाने का काम किया। बारिश के बाद थल-मुनस्यारी सड़क पर बीते बुधवार शाम छह बजे रातीगाड़ और हरड़िया के पास भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। ऐसे में यहां सैकड़ों वाहन और यात्री फंसे रहे। देर रात तक यात्री और वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। ऐसे में उन्होंने वाहनों में बैठकर भूखे-प्यासे रात बिताई।
दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह छह बजे किसी तरह हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हुई लेकिन भारी वाहनों को और इंतजार करना पड़ा। मुनस्यारी स्थित चेतना केंद्र से वापस जा रही गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की 24 महिलाओं की बस भी फंसी रही। टीम में शामिल रमिला पटेल, सरोज, हंशा, दिव्या और अन्नू पांडे ने बताया रात आठ बजे उन्हें हल्द्वानी से ट्रेन पकड़नी है। अब उनकी ट्रेन छूट जाएगी। लोनिवि ने बमुश्किल मलबा और बोल्डर हटाकर दोपहर 12 बजे आवाजाही शुरू कराई तब जाकर यात्री गंतव्य को रवाना हुए। संवाद
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डेढ़ करोड़ की लिफ्ट पेयजल योजना का कुआं खतरे में
नाचनी। बारिश के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से डेढ़ करोड़ की निर्माणाधीन लिफ्ट पेयजल योजना का कुआं खतरे में आ गया है। बीते बुधवार हुई बारिश के बाद उफान पर आई रामगंगा अपने साथ कुएं की शटरिंग बहा ले गई। इससे योजना खतरे में आ गई है।
थल-सातशिलिंग हाईवे पर दूसरे दिन भी शुरू नहीं हुई आवाजाही
थल। जिले के प्रमुख थल-सातसिलिंग हाईवे पर दूसरे दिन भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। बीते बुधवार थल के पास नागीमल की पहाड़ी दरकने और रामगंगा नदी के कटाव से सड़क का 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। ऐसे में सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। पांखू, बेड़ीनाग, तेजम, गिनीबैंड, बांसबगड़, नाचनी, थल सहित अन्य स्थानों को पहुंचने के लिए यात्रियों और वाहन चालकों को बाया डीडीहाट 20 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है।
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