पिथौरागढ़। जिले के अस्पताल बाल रोग विशेषज्ञ की कमी का सामना कर रहे हैं। पूरे जिले का जिम्मा एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ पर है। जिला अस्पताल में भी बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है।
जिले में प्रदेश सरकार बाल रोग विशेषज्ञों की तैनात नहीं कर पाई है। बेड़ीनाग, मुनस्यारी, गंगोलीहाट में सीएचसी जबकि धारचूला में संयुक्त अस्पताल संचालित हैं। सभी में बाल रोग विशेषज्ञ का पद स्वीकृत है लेकिन किसी में भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस नबियाल की सीएमओ पद पर पदोन्नति हो गई है। इससे जिला अस्पताल में बच्चों को मिलने वाली सुविधा भी बंद हो गई है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों में टायफाइड, पीलिया, वायरल, डायरिया की शिकायत आ रही है। हर रोज इन अस्पताल में 200 से अधिक लोग अपने बीमार बच्चों को लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं। महिला अस्पताल में भी एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। वर्तमान में महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल का कार्यभार सौंपा गया है। अस्पताल पहुंचे मरीजों का नंबर काफी देर से आ रहा है। नेपाल के लोग भी बेहतर उपचार की उम्मीद में अपने बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें निराश होकर अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। संवाद
सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत हैं। फिलहाल इनकी तैनाती नहीं हो सकी है। रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती हो, इसके लिए शासन स्तर पर पहले से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द जिले में चिकित्सकों की तैनाती होगी।
- डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।