पिथौरागढ़। मुख्य वन संरक्षक तेजस्विनी पाटिल ने पिथौरागढ़ पहुंचकर वनाग्नि से निपटने की तैयारियों को परखा। उन्होंने कहा कि फिलहाल बारिश से राहत मिली है। यदि बारिश थमी तो गर्मी बढ़ने के साथ वनाग्नि की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में आग से जंगलों को सुरक्षित बचाने के लिए वन कर्मियों को तैयार रहना होगा।
मुख्य वन संरक्षक तेजस्विनी पाटिल ने चंडाक में बने क्रू स्टेशन और मास्टर कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने विभाग में उपलब्ध प्राथमिक उपचार की सामग्री और वनाग्नि सुरक्षा के उपकरणों का जायजा लिया। कहा कि वनाग्नि से निपटने के साथ वन कर्मियों की सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक उपचार की सामग्री की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा कि फिलहाल बारिश से वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगा है। बारिश थमने के बाद ये घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में हर वन कर्मी को वनाग्नि को रोकने के लिए गंभीरता दिखानी होगी। इस मौके पर उप प्रभागीय वनाधिकारी राज कुमार, वन क्षेत्राधिकार पूरन देउपा सहित कई वन कर्मी मौजूद रहे।