पिथौरागढ़ डिपो से टनकपुर, दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी सहित अन्य रूटों पर हर रोज 54 बसों का संचालन होता है। भारी बारिश के चलते जिले में आवाजाही का मुख्य जरिया रोडवेज बस सेवा लड़खड़ा गई है। दो दिन में 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश के चलते सीमांत जिले में आवाजाही का मुख्य जरिया रोडवेज बस सेवा लड़खड़ा गई है। लगभग सभी सड़कें बंद होने से रोडवेज की बसें पिथौरागढ़ से न तो मैदान उतर सकीं हैं और न पहाड़ चढ़ सकीं हैं। पिथौरागढ़ डिपो की 35 से अधिक बसें कई सड़कों पर फंसी हैं। बसों के पहिए थमने से पिथौरागढ़ डिपो को दो दिन में 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है और यात्री भी जिले से बाहर और बाहर से जिले में आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं।
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पिथौरागढ़ डिपो से टनकपुर, दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी सहित अन्य रूटों पर हर रोज 54 बसों का संचालन होता है। इनके जरिए पांच हजार से अधिक यात्री हर रोज आवाजाही करते हैं। बीते दो दिनों से पिथौरागढ़ सहित अन्य जिलों में भारी बारिश होने से पहाड़ को मैदान से जोड़ने वाली लगभग सभी सड़कें बंद हैं। ऐसे में बीते दो दिन से बसों का संचालन ठप है। दो दिन पूर्व मैदानी क्षेत्रों में गईं 35 बसें रास्तों में फंसी हैं। ऐसे में पिथौरागढ़ डिपो की लगभग सभी बसों के पहिए थमे हैं। पहाड़ से न तो बसें मैदान में उतर पा रही हैं और न मैदान से पहाड़ चढ़ पा रही हैं। पिथौरागढ़ डिपो को बीते दो दिन में 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है।
जगह-जगह अटके यात्री
पिथौरागढ़ से रोडवेज बसों का संचालन ठप रहने और इनके रास्तों में फंसने से यात्री बेबस हैं। बसों का संचालन न होने से पिथौरागढ़ सहित दिल्ली, देहरादून, टनकपुर, हल्द्वानी सहित अन्य हिस्सों में यात्री फंसे हैं। ऐसे में यात्रियों के साथ ही निगम को बारिश थमने और बंद सड़कों के खुलने का इंतजार है।
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लगभग सभी सड़कें बंद होने से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कई बसें रास्तों में फंसी हैं। निश्चित तौर पर बसों का संचालन न होने से निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।