पिथौरागढ़। सीमांत जिले में राज्य गठन के बाद विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने के बजाय सेवाएं बंद हो गई हैं। इससे यात्री परेशान हैं। बंगापानी, मदकोट रूट पर सीधी बस सेवा तो सालों पहले बंद कर दी गई। अब इन क्षेत्रों से होकर मुनस्यारी रूट पर संचालित बसों के भी पहिए थम गए हैं। ऐसे में क्षेत्र की 25 हजार से अधिक आबादी को टैक्सियों में धक्के खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
राज्य गठन से पूर्व जिला मुख्यालय से मदकोट और बंगापानी तक चार बसों का संचालन होता था। क्षेत्र के लोग इन बसों के सहारे आसानी से जिला मुख्यालय पहुंचते थे। राज्य गठन के बाद इस रूट पर रोडवेज बस सेवा लड़खड़ा गई और सीधी बस सेवाएं बंद हो गईं। मुनस्यारी से मदकोट होते हुए जिला मुख्यालय तक एक सेवा का संचालन होता था इसे भी बंद कर दिया गया। बीते छह महीने से रोडवेज बस मदकोट और बंगापानी नहीं पहुंची है इससे क्षेत्र की बड़ी आबादी बेबस है। किसी तरह क्षेत्र के लोग टैक्सी बदल-बदलकर ऊंचा किराया देकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। लंबे समय से क्षेत्र के लोग फिर से बस संचालित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन निगम इसके लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। संवाद
टैक्सी संचालक उठा रहे हैं फायदा
पिथौरागढ़। बंगापानी, मदकोट तक कोई भी बस सेवा संचालित न होने से टैक्सी संचालक इसका फायदा उठा रहे हैं। यात्रियों से मनमाना किराया मांगा जा रहा है। मजबूरन यात्रियों को ऊंचा किराया देकर आवाजाही करनी पड़ रही है। क्षेत्र के करन सिंह, कैलाश, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि बस सेवा न होने से टैक्सी संचालक पांच किमी का 20 से 30 रुपये किराया ले रहे हैं इसे चुकाना उनकी मजबूरी है।