डाक्टर की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्कोट में डॉक्टर तैनात करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र का लाभ पचास हजार आबादी वाले क्षेत्र को कभी भी नहीं मिल पाया।
स्वास्थ्य केंद्र में आठ साल से डॉक्टर नहीं है। बिना डॉक्टर के स्वास्थ्य केंद्र खोलना जनता के साथ धोखा है। क्षेत्र के लोगों को छोटी से छोटी बीमारी के लिए भी जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है, यदि सरकार ने जनता की समस्याओं को समझा होता तो स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती हो चुकी होती। कहा कि पिछले वर्ष 14 नवंबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अक्तूबर 2015 में जौलजीवी मेले में स्वास्थ्य केंद्र अस्कोट के उच्चीकरण करने की घोषणा की थी।
अब तक मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा नहीं पहनाया गया। कहा कि यदि शीघ्र ही डॉक्टर की तैनाती नहीं की जाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में आनंद बल्लभ ओझा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष मनोज सिंह, पूर्व प्रधान तारा बिष्ट, गोविंद पाल, तनुज पाल आदि शामिल थे।