डीडीहाट के लधड़ा गांव से घायल महिला को डोली में लेकर आते ग्रामीण
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इस तहसील के लधड़ा गांव की एक बुजुर्ग महिला को पांच किलोमीटर तक डोली में लाने के बाद अस्पताल पहुंचाना पड़ा। यह वृद्धा पेड़ से चारा काटने के दौरान गिर गई थी। उनके कमर और हाथ में गंभीर चोट आई है। वृद्धा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट में भर्ती किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
बताया गया कि लधड़ा गांव निवासी 70 वर्षीय विशना देवी घर के पास ही एक पेड़ से चारा काटते समय गिर गई थीं। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए शीघ्र अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। गांव के लोगों ने डोली की व्यवस्था की और विशना देवी को पांच किलोमीटर तक पैदल ढोकर मिर्थी में मुख्य सड़क तक लाए। वहां से जीप में बैठाकर वृद्धा को अस्पताल पहुंचाया गया। गांव के कवींद्र मेहता, गोपाल बोरा, प्रदीप बोरा, किशन बोरा, गणेश बोरा, मनोज बोरा, बलवंत बोरा आदि ने करीब दो घंटे में पांच किलोमीटर की चढ़ाई पार की।
लधड़ा गांव के आसपास कोई अस्पताल नहीं
लधड़ा गांव के आसपास कोई अस्पताल नहीं है। गांव के लिए पांच वर्ष पहले सड़क की स्वीकृति हो गई थी, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन पाई है। सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को पांच किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। यदि कोई बीमार या घायल हो जाए तो पूरा गांव संकट में आ जाता है। गांव के लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि स्वीकृति के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। गांव के लोगों को अब तक 108 आपात सेवा का कोई लाभ नहीं मिला है। रसोईगैस का सिलेंडर पहुंचाने के लिए लोगों को 100 रुपये भाड़ा देना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जीडी जोशी ने बताया कि लधड़ा गांव तक सड़क के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।