पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के दर्जनों गांव पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इन गांवों में पेयजल समस्या के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। योजनाएं बन रही हैं पर ये कब पूरी होंगी और कब ग्रामीणों को राहत मिलेगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सर्वाधिक दिक्कत गंगोलीहाट की बेलपट्टी, बिलाड़पट्टी और भेरंग पट्टी की 15 हजार की आबादी को हो रही है।
गंगोलीहाट विकासखंड के बेलपट्टी क्षेत्र के नाली, पाभैं, अस्कोड़ा, जाखनी उप्रेती, चहज, निगल्टी, बुंगली और बिलाड़ पट्टी के दुगई आगर, ज्वाल, डोबालखेत, कंडाराछीना और भेरंग पट्टी के आंवलाघाट के लोग पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। इन गांवों में राज्य गठन से पहले से पेयजल की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण सड़क किनारे लगे हैंडपंप, नौले,धारे और गाड़ गधेरों से पेयजल की आपूर्ति करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कब समस्याएं दूर होंगी पता नहीं है। पेयजल संकट की समस्या से निजात दिलाने के लिए वह अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। जल निगम के ईई अनूप पांडे का कहना है कि बेलपट्टी के लिए पेयजल योजना बन रही है। जून 2024 तक पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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चौकोड़ी क्षेत्र के लोग साल भर करते हैं पेयजल संकट का सामना
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग के चौकोड़ी क्षेत्र के लोग वर्ष भर जल संकट का सामना करते हैं। चौकोड़ी में पिछले एक दशक के भीतर आबादी तो बढ़ी है, लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां के लिए कोई योजना नहीं होने से लोगों को दूर दराज स्थित जल स्रोतों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है।
पिथौरागढ़ नगर में भी एक दिन छोड़कर दिया जाता है पानी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में भी पेयजल का संकट गंभीर बना हुआ है। नगर के कई हिस्सों में एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल संस्थान तिलढुकरी, जाखनी, बिण, रई, बस्ते, जीआईसी रोड, सरस्वती विहार कॉलोनी, जगदंबा कॉलोनी, बजेटी, पियाना सहित कई हिस्सों में एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। संवाद
सड़क निर्माण में ठेकेदार ने तोड़ दी पेयजल लाइन
पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड सतगढ़ ग्राम पंचायत के मझेड़ा तोक के लिए बनी सड़क के निर्माण के दौरान ठेकेदार ने पेयजल योजना पूरी तरह ध्वस्त कर दी है। जिस कारण सतगढ़ ग्राम पंचायत के धर्मशाला तोक की 300 से अधिक की आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर पेयजल लाइन को ठीक नहीं किया गया तो लोनिवि कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी की जाएगी। लोनिवि के ईई एमसी तिवारी का कहना है कि जल्द पेयजल लाइन को ठीक किया जाएगा। संवाद
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