पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध सेरा देवल मंदिर का रास्ता रोकने से लोगों में आक्रोश है। नाराज लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में लोगों ने डीएम को ज्ञापन देकर रास्ता जल्द खुलवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि अगर रास्ता नहीं खोला गया तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।
बुधवार को कई गांवों के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने यहां देवताओं के जयकारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सेना ने लंबे समय से प्रसिद्ध सेरा देवल मंदिर का रास्ता रोक रखा है। इससे दर्शन करने के लिए ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीण पूर्व में भी डीएम कार्यालय में पत्र दे चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
रास्ता बंद होने से ग्रामीण नियमित पूजापाठ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने 10 फरवरी तक रास्ता नहीं खुलवाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान पूर्व सैनिक शमशेर महर, भीम सिंह महर, राज्य आंदोलनकारी गोपू महर, चंद्रशेखर भट्ट, भीम सिंह सौन, जसौद भट्ट, कैलाश चंद्र, जीवन सिंह, चंद्रशेखर, सुनील चंद, हरीश चंद, पंकज कसन्याल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
बोले मंदिर के पुजारी
इस तरह मंदिर का रास्ता बंद करना सही बात नहीं है। सेरा देवल मंदिर में बड़ी संख्या में लोग पूजा अर्चना के लिए आते हैं। प्रशासन से लंबे समय से मंदिर का रास्ता खुलवाने की मांग की जा रही है। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जल्द ही रास्ता नहीं खोला गया तो ग्रामीण सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। - चंद्र शेखर भट्ट, पुजारी सेरादेवल मंदिर।