प्रदेश और देश की नामी कंपनी पतंजलि के घी का नमूना जांच में फेल मिला है। राज्य और राष्ट्रीय प्रयोगशाला में जांच के बाद संबंधित कंपनी का घी मानकों की कसौटी पर खतरा नहीं उतरा है। अपर जिला अधिकारी की न्यायालय में नमूना फेल होने पर उत्पादक, वितरण और विक्रेता पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मामले के अनुसार अक्टूबर 2020 में पिथौरागढ़ में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने कासनी स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि के घी का नमूना जांच के लिए लिया था। नमूने की जांच रुद्रपुर राजकीय प्रयोगशाला में कराई गई। जांच में नमूना मानकों की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। इसमें मिलावट मिली। निर्माता कंपनी पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाया तो सैंपल को गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय लैब भेजा गया। यहां भी नमूना फेल साबित हुआ तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने उत्पादक कंपनी, वितरक और विक्रेता के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया।
बीते बृहस्पतिवार को इस पर फैसला आया। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन कर उत्पादक कंपनी पतंजलि पर एक लाख रुपये, वितरक ब्रह्म ऐसेसरीज, धारचूला रोड, पिथौरागढ़ पर 25 हजार रुपये और विक्रेता करन जनरल स्टोर पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। देश और प्रदेश की नामी कंपनी के खिलाफ आए इस फैसले की हर तरफ चर्चा है।