पिथौरागढ़। पैराग्लाइडिंग में उड़ान भरने के शौकीनों के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से गंगोलीहाट के जीबल टॉप और पिथौरागढ़ के मोस्टमानू स्थित गरुड़ा को व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग साइट के लिए चयनित किया गया है। नए पैराग्लाइडिंग संचालकों को तीन वर्ष तक अनुज्ञा शुल्क में छूट दी जाएगी।
गंगोलीहाट वंडर्स के सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि जीबल टॉप से लंबे समय से पैराग्लाइडर से उड़ान का प्रयास किया जा रहा था। विधायक फकीर राम टम्टा ने भी इसके लिए काफी प्रयास किए। विश्व पर्यटन दिवस पर यहां डेमोस्ट्रेशन भी किया गया था। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में पूर्व में वायु क्रीड़ा विशेषज्ञ रहे पैराग्लाइडर पायलट शंकर सिंह ने बताया कि जीबल टॉप के दोनों ओर अच्छी घाटियां हैं।
यहां बेहतरीन उड़ान होती है। दोनों जगहों से टेंडम पैराग्लाइडिंग (दूसरे को साथ लेकर उड़ना) शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें अपने घर पाताल भुवनेश्वर जाना होता है वह पिथौरागढ़ से उड़ान भरकर ही जाते हैं। शंकर सिंह ने बताया कि मुनस्यारी के चुलकोट में भी पैराग्लाइडिंग के काफी उपयुक्त स्थल है। संवाद
साहसिक पर्यटन के खुल सकते हैं नए द्वार
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के जीबल टॉप से व्यावसायिक उड़ान के लिए अनुमति मिलने से क्षेत्र के युवाओं में काफी खुशी है। पायलट शंकर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पर्वतारोहण, माउंटेन बाइकिंग, बर्ड वाॅचिंग और सरयू नदी में राफ्टिंग की अपार संभावनाएं हैं। इससे यहां भविष्य में रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा। पिथौरागढ़ के हवाई सेवा से जुड़ने से क्षेत्र को काफी फायदा मिलेगा। संवाद
कोट
जीबल टॉप और गरुड़ा में पैराग्लाइडिंग की व्यावसायिक उड़ान के लिए विभाग ने निरीक्षण किया है। यदि कोई पायलट व्यावसायिक उड़ान शुरू करना चाहता है तो उसे पर्यटन विभाग से अनुमति लेनी होगी। - कीर्ति चंद्र आर्य, जिला पर्यटन अधिकारी, पिथौरागढ़।