सोरघाटी में दो वर्षों के बाद पावर्ड पैराग्लाइडिंग की दोबारा शुरू हो गई है। पुणे से आए पायलटों ने रई मैदान से करीब 45 मिनट की उड़ान भरी। आसमान में पायलटों को उड़ता देख शहरवासी भी काफी रोमांचित हुए।
पैराग्लाइडिंग की शुरुआत एडवेंचर लवर्स संस्था के अशोक भंडारी की टीम के प्रयासों से संभव हो पाई है। भंडारी ने बताया कि विंग्स एंड फ्लाइट पुणे से आए पायलट राइन मैनेजस और रोअन मैनेजस ने बुधवार शाम रई मैदान से पावर्ड पैराग्लाइडर द्वारा 45 मिनट की उड़ान भरी। पायलटों ने बताया कि सोरघाटी बहुत सुंदर है और यहां पर ऐरोस्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अनुमति दे तो यहां भी गोवा की तर्ज पर पर्यटकों के लिए पावर्ड पैराग्लाइडिंग उड़ान शुरू की जा सकती है। इस मौके पर संस्था के राजेंद्र पुनेड़ा, शाहरुख खान, सावन बिष्ट, शंकर खड़ायत, किशोर बोरा आदि मौजूद रहे।
पिथौरागढ़ के पायलटों को मिले फ्लाइंग की अनुमति
अशोक भंडारी ने बताया कि संस्था द्वारा 1999 से ऐरो स्पोर्ट्स के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड में सोरघाटी में ही सबसे पहले पैराग्लाइडिंग का आयोजन हुआ। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पिथौरागढ़ में सबसे अधिक सोलो पायलट हैं लेकिन छह माह बीतने पर भी पर्यटन विभाग देहरादून द्वारा इन पायलटों को सोलो फ्लाइंग की अनुमति नहीं दी गई है। अनुमति नहीं मिलने से इनके उपकरण और हुनर को जंक लग रहा है। साथ ही पुराने पायलट भी बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार फ्लाइंग की अनुमति दे तो कई बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।