रिजल्ट आने के बाद प्रफुल्लित मुद्रा में प्रकाश पंत
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वर्ष 2012 में दोहरी पराजय झेल चुके चुके प्रकाश पंत ने 2017 के चुनाव में काफी सोच विचार के बाद पिथौरागढ़ सीट से चुनाव लड़ने का मन बनाया। हालांकि उन्होंने लालकुआं समेत अन्य सीटों से भी चुनाव लड़ने की संभावना टटोली थी। बताया जा रहा है कि प्रकाश पंत ने पिथौरागढ़ से चुनाव की तैयारी करने से पहले ज्योतिषियों से भी संपर्क साधा था। ज्योतिषियों से भाग्योदय के संकेत मिलने के बाद उन्होंने अंतत: पिथौरागढ़ सीट से भाग्य आजमाने का फैसला किया और मैदान में उतर गए।
पंत 2012 के चुनाव में पिथौरागढ़ सीट से कांग्रेस के मयूख महर से हार गए थे। इसके बाद इसी साल सितारगंज सीट पर हुए उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के खिलाफ उन्हें मैदान में उतारा गया, लेकिन यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस बार के चुनाव में पिथौरागढ़ सीट से विजय हासिल करने के बाद पंत ने कहा कि इस बार चुनाव पूरी रणनीति से लड़ा गया। पिछले चुनाव में जो खामियां रह गई थी, उनको दूर किया गया। संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर सारी रणनीति बनाई गई। चूंकि कांग्रेस के दावेदार मयूख महर इस सीट पर काफी सशक्त थे। उनके खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए भाजपा की बेहतर रणनीति काम आई। पंत ने कहा कि वह जनता की उम्मीदों को पूरा करने का प्रयास करेंगे।