कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कालापानी में गिरी बर्फ
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में हो रहे भारी हिमपात से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कालापानी और नाभीढांग स्थित पड़ावों को नुकसान पहुंचा है। दोनों स्थानों पर दो फुट बर्फ गिरी है। बर्फ के भार से पड़ावों की छतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। दोनों स्थानों पर अक्तूबर के अंत से ही रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। अभी हालांकि पड़ावों के सर्वे के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम की टीम नहीं गई है, लेकिन उस इलाके से जो सूचनाएं आ रही हैं, उसके अनुसार बर्फबारी से पैदल रास्तों को भी भारी क्षति पहुंची है।
केेएमवीएन ने कालापानी और नाभीढांग के पड़ावों को हिमपात की दृष्टि से सबसे संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। अन्य पड़ावों पर भी हिमपात तो होता है, लेकिन उनमें नुकसान की संभावना कम रहती है। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि शीतकाल में पड़ावों को हर साल नुकसान पहुंचता रहता है। इस बार चूंकि मार्च में भी हिमपात हो रहा है। इस कारण नुकसान की आशंका ज्यादा है। उन्होंने बताया कि यात्रा शुरू होने से पहले पड़ावों की मरम्मत की जाएगी। यदि मौसम सामान्य रहा तो अप्रैल में एक टीम को पड़ावों की स्थिति जानने के लिए भेजा जाएगा।
उधर, आईटीबीपी ने यात्रा मार्ग की स्थिति का सर्वे शुरू कर दिया है। इस समय लगातार हो रहे हिमपात से पैदल रास्ता कई स्थानों पर पूरी तरह दब गया है। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि यात्रा मार्ग की सारी रिपोर्ट विदेश मंत्रालय और आईटीबीपी महानिदेशालय को भेजी जाती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन में आईटीबीपी अहम रोल अदा करती है।
उच्च हिमालयी पोस्टों के लिए अलर्ट जारी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पूरी तरह से बर्फ से ढक गया है। तीन दिनों से यात्रा मार्ग में हो रहे भारी हिमपात के बाद आईटीबीपी ने उच्च हिमालयी पोस्टों पर तैनात जवानों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि आठ मार्च की रात से हिमालयी पोस्टों पर हिमपात शुरू हो गया था। गर्ब्यांग से लिपुलेख तक 35 किमी में भारी हिमपात हो रहा है। गुंजी में 80 सेमी, कालापानी में 120 सेमी, कुटी में 150 सेमी, नाभीढांग में 158 सेमी, लिपुलेख में 240 सेमी से अधिक की बर्फ जमा हो गई है। अब भी उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमपात जारी है। सेनानी ने बताया कि 12 फरवरी तक भारी हिमपात की आशंका के चलते हिमालयी क्षेत्र में तैनात जवानों को सावधानी से गश्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। भारी बर्फबारी के बाद एवलांच का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए हिमालयी क्षेत्र के सभी बार्डर आउट पोस्ट को हाईअलर्ट में रखा गया है। बार्डर आउट पोस्ट के आसपास जमा बर्फ को हटाने का काम भी चल रहा है।