पिथौरागढ़। नैनीसैनी एयरपोर्ट के साथ ही बिण, जाखनी क्षेत्र को जोड़ने वाला पंडा बाईपास गड्ढों से पट गया है। गड्ढों और उनमें जलभराव की समस्या से यात्री और वाहन चालक काफी परेशान हैं। इस रोड से गुजरते हुए हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है।
जिले के धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, थल, मुवानी, डीडीहाट, कनालीछीना, बुंगाछीना, देवलथल, सातसिलिंग, जाजरदेवल, पंडा आदि क्षेत्रों को नैनीसैनी एयरपोर्ट और शहर से जोड़ने वाला पंडा बाईपास लंबे समय से खस्ताहाल है। इस रोड पर काफी अधिक और बड़े-बड़े गड्ढों से जिले की बड़ी आबादी परेशान है।
हवाई सेवा के लिए एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। कई महीनों पहले सड़क पर किया गया डामर जगह-जगह उखड़कर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बरसात में यह समस्या और विकराल होने से लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। टैक्सी, कार और दोपहिया के साथ ही इस मार्ग पर काफी संख्या में बड़े वाहन गुजरते हैं और हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
यह बाईपास एयरपोर्ट के साथ ही डीआरडीओ से संचालित रक्षा जैव-ऊर्जा अनुसंधान संस्थान, ऑडिटोरियम, आर्मी पब्लिक स्कूल और नगर के बिण-जाखनी क्षेत्र को जोड़ता है। मगर विभागीय अधिकारी लंबे समय से इस महत्वपूर्ण बाईपास की अनदेखी कर रहे हैं।
पंडा बाईपास रोड की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत तत्काल करने के निर्देश लोनिवि अधिकारियों को दिए गए हैं। जलभराव वाले पैच के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। जनपद की अन्य सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत भी युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं। -आशीष कुमार भटगाईं, डीएम, पिथौरागढ़