लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा को जोड़ने वाला पंचेश्वर-नेत्रसलान मोटर मार्ग एक सप्ताह बाद यातायात के लिए खोल दिया गया। पंथ्यूड़ा के पास मलबा आने से मार्ग बंद था जिससे डडोरा, सिमलौदा, पलचौड़ा, तारागड़ा और नेत्र समेत कई गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मार्ग खुलने से 15 हजार से अधिक की आबादी को राहत मिली है।
मोटर मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीण लगातार मार्ग खोलने की मांग कर रहे थे। लोक निर्माण विभाग के ईई हितेश कांडपाल ने बताया कि सड़क पर आया मलबा हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया है।
रास्ता खोलने में देरी पर सवाल उठे
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश सिंह ने कहा कि मोटर मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। यह कई गांवों के लिए प्रमुख आवाजाही का मार्ग है और प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण सड़कों को भी अन्य प्रमुख सड़कों की तरह जल्द खोलने के प्रयास होने चाहिए। मलबा हटाने में हुई देरी चिंताजनक है। सामाजिक कार्यकर्ता श्याम पंत ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सड़क पर मलबा आने की स्थिति में उसे तत्काल हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को मशीनें तैनात रखनी चाहिए। फिलहाल मार्ग खुलने से ग्रामीणों को राहत मिली है।