झूलाघाट के गांवों में ग्रामीणों से मिलते पदयात्री
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प्रोफेसर उमा भट्ट के नेतृत्व में निकली पदयात्रा में शामिल लोगों का बगड़ीगांव और झूलाघाट में लोगों ने स्वागत किया। पदयात्रियों ने सीमांत के लोगों के विकास समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्र के लोगों ने पंचेश्वर बांध का विरोध करते हुए कहा कि सीमांत के लोगों को बांध की नहीं विकास की जरूरत है।
प्रोफेसर पाठक, दल में शामिल बसंती बहन, माया चिलवाल, विनीता यशस्वी, ज्योति सनवाल, दिव्या ने सुनखोली, डोडा, चकद्वारी, रणवा, अमतड़ी, खर्कतड़ी, तालेश्वर, सिमपानी, गेठीगड़ा के लोगों से संवाद किया। गांव के लोगों का कहना था कि उन्हें बांध नहीं सड़क और विकास चाहिए। दल के सदस्यों ने बताया कि अमतड़ी से तालेश्वर तक का पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
ग्रामवासी जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। सरकार मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान नहीं दे रही है। बांध के लिए जमीन लेकर बेदखल कर रही है। झूलाघाट में दल के सदस्यों ने महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर सिंह खड़ायत से पंचेश्वर बांध के विषय में भी चर्चा की।