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Pithoragarh News: गंगोलीहाट के भटीगांव में फूड प्वाइजनिंग से 100 से अधिक लोग बीमार

Sat, 20 Jun 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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गंगोलीहाट/गणाई गंगोली। गंगोलीहाट विकासखंड के भटीगांव में मीट और पंचौला खाने से 100 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। ग्रामीणों के उल्टी-दस्त की जकड़ में आने का सिलसिला लगातार जारी है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई। मौके पर ही बीमार लोगों के इलाज के साथ ही अन्य की निगरानी करनी पड़ रही है।
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भटीगांव में बीते कुछ दिनों से मंदिरों में पूजा का आयोजन हो रहा है। पूजा में बकरियों की बलि दी जा रही है। इस पूजा में पके मीट के साथ ही कच्चे मांस को तेल और मसाले के साथ खाया जाता है। इस कच्चे मांस को पहाड़ों में पंचौला के नाम से जाना जाता है।

बृहस्पतिवार को जब ग्रामीणों ने पूजा में शामिल होकर मीट और पंचौला खाया तो वे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। एक के बाद एक करीब 100 लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द से जूझने लगे। इसमें 25 से अधिक बच्चे और 30 से अधिक महिलाएं भी शामिल हैं। गंभीर रूप से बीमार आठ ग्रामीणों को पीएचसी गणाई में भर्ती किया गया। उनकी हालत ठीक होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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प्रधान सपना मेहता ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग देकर गांव में शिविर लगाने की गुहार लगाई। बीते शुक्रवार स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और बीमारों का इलाज किया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अन्य ग्रामीण भी बीमार हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मी बीमारों का इलाज करने और अन्य ग्रामीणों की निगरानी में जुटे हैं। पिछले दो दिनों से लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच रही है और इलाज के बाद देर रात लौट रही है। फूड प्वाइजनिंग से सभी ग्रामीणों में दहशत है।

जिसने भी खाया मीट और पंचौला वह हो रहा बीमार

गणाई गंगोली(पिथौरागढ़)। भटीगांव में बीते कुछ दिनों से मंदिरों में पूजा चल रही है इसमें बकरियों की बलि दी जा रही है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक, जब ग्रामीण फूड प्वाइजनिंग की जकड़ में आए तो इसके कारणों की पता लगाया गया। सामने आया कि जिस भी ग्रामीण ने मीट और पंचौला खाया वह फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गया या बीमार पड़ रहा है। जिस ग्रामीण ने मीट और पंचौला से दूरी बनाते हुए सादा भोजन किया, वह पूरी तरह सुरक्षित है। ऐसे में साफ है कि मांस ही फूड प्वाइजनिंग का सबब बना है। लोगों ने बासी मांस खाया या बकरियों में कोई संक्रमण था स्वास्थ्य विभाग इसकी जांच में भी जुटा है। ज्येष्ठ प्रमुख रवि डसीला और प्रधान सपना मेहता की मांग पर अब स्वास्थ्य विभाग बीमार ग्रामीणों का इलाज करने के साथ ही अन्य की निगरानी कर रहा है।

अगले कुछ दिनों तक चलनी है पूजा

गणाई गंगोली। जानकारी के मुताबिक, भटीगांव में चार दिन पहले शुरू हुई पूजा अगले कुछ दिनों तक चलनी है। इसी बीच मीठ और पंचौला खाने से महिलाएं, बच्चे, युवा, बुजुर्ग फूड प्वाइजनिंग की जकड़ में फंसे हैं। अब पूजा में बकरी की बलि दी जाएगी या ग्रामीण इस पर कोई उचित निर्णय लेंगे सबकी नजर इस पर है। संवाद
बनकोट पीएचसी में इलाज के लिए डॉक्टर नहीं
गणाई गंगोली। भटीगांव और इसके आसपास के गांवों के ग्रामीणों के इलाज के लिए बनकोट में पीएचसी संचालित है। हैरानी है कि यह अस्पताल बगैर डॉक्टर के संचालित हो रहा है। गणाई गंगोली के चिकित्सक को यहां का प्रभार दिया गया है। जब भटीगांव के ग्रामीण बीमार हुए तो उन्हें इलाज के लिए पीएचसी गणाई के चक्कर काटने पड़े। संवाद

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पूजा में मांस और पंचौला खाने से कुछ ग्रामीण फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाने की मांग की गई। अब तक जिले से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है जो गंभीर है। -सपना मेहता, ग्राम प्रधान, भटीगांव
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मांस का सेवन फूड प्वाइजनिंग का कारण रहा है। जिसने सादा भोजन किया वह सुरक्षित है। विभाग लगातार ग्रामीणों की निगरानी कर रहा है। फूड प्वाइजनिंग के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। अधिकांश बीमारों की हालत में सुधार है।-डॉ. उमाकांत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, गंगोलीहाट

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विभाग की टीम भटीगांव पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। बीमारों की जांच कर उन्हें दवा उपलब्ध कराई गई है। जरूरत पड़ेगी तो जिला मुख्यालय से टीम भेजकर गांव में शिविर लगाया जाएगा। -डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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